छिंदवाड़ा के डॉक्टरों ने रचा इतिहास

छिंदवाड़ा के डॉक्टरों ने रचा इतिहास
Chhindwara doctors created history

Prabha Shankar Giri | Publish: Apr, 11 2019 09:00:00 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

सर्जरी कर निकाली गई ढाई किलो की फ्लोरोसिस थैली

छिंदवाड़ा. जिला अस्पताल में बुधवार को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सौंसर के आए फ्लोरोसिस पीडि़त एक मरीज के पेट के नीचे बनी ढाई किलो वजन की थैली को ऑपरेशन कर निकाला। अब तक यह ऑपरेशन बड़े शहरों में ही होता थे। छिंदवाड़ा में यह पहला बताया गया। इसे कॉलेज के डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ.भूपेश और डॉ.ढाकरिया ने किया।
डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि फ्लोरोसिस हाथीपाव की पीडि़त जिले में सौंसर-पांढुर्ना क्षेत्र में ज्यादा पाए जाते हैं। इस बीमारी से पीडि़त एक मरीज उनके पास आया। इस बीमारी में उसके पैर पर असर कम था, लेकिन पेशाब की थैली फूलकर ढाई किलो की हो गई थी। इसके बाद उनके द्वारा मरीज का परीक्षण कर दो घंटे तक प्लास्टिक सर्जरी कर इस थैली को निकाला गया और उसे नार्मल कर दिया गया। इससे मरीज ने राहत महसूस की। डॉ.सिंह ने बताया कि फ्लोरोसिस के एेसे मामले ज्यादातर तमिलनाडु में पाए जाते हैं। इसकी चिकित्सा वहीं उपलब्ध है। मेडिकल के डॉक्टरों ने इस सफल ऑपरेशन से सौंसर-पांढुर्ना क्षेत्र के ऐसे पीडि़तों की राह खोल दी है और उम्मीद की एक किरण जगाई है। इससे भविष्य में एेसे ऑपरेशन किए जा सकेंगे।

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