बफर जोन से निकाली जा रही अवैध रेत

बफर जोन से निकाली जा रही अवैध रेत

Rajendra Sharma | Publish: Jul, 14 2018 12:30:13 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

प्रतिबंध के बावजूद कारोबार चरम पर, नदी किनारे जगह-जगह अवैध भंडारण

छिंदवाड़ा. पेंच, कन्हान, कुलबेहरा और जाम नदी से रेत लाकर उसका अवैध भंडारण और बिक्री करने की जितनी शिकायतें आ रही हैं, उतनी कार्रवाई प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स नहीं कर पा रही है। हालात ये हैं कि पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन के गांवों से भी रेत जिला मुख्यालय आ रही है तो वहीं संतरांचल की रेत खदानों में भी प्रतिबंधित अवधि में रेत निकालकर महाराष्ट्र के नगरों में भेजी जा रही है।
इस समय खनिज विभाग के अधिकारी और निरीक्षक इंदौर की माइनिंग कार्यशाला में गए हैं। इसकी जानकारी लगते ही रेत कारोबारी ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। चौरई से आ रही खबरों के अनुसार पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन के ग्राम नोनीबर्रा, कोडि़या और आमगांव से जुड़ी पेंच नदी से प्रतिदिन रात के अंधेरे में रेत निकाली जा रही है। उसे चौरई, चांद और छिंदवाड़ा ट्रैक्टर और डम्पर से लाया जा रहा है। चांद तहसील के गांव-गांव में भी रेत का अवैध भंडारण किया गया है। हरनाखेड़ी से अलग शिकायतें आ रहीं हैं। इतना होने के बावजूद टास्क फोर्स में शामिल अधिकारी, कर्मचारियों के सक्रिय न होने से सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा सौंसर क्षेत्र में रामाकोना समेत अन्य रेत खदानों से भी रेत निकाली जा रही है। जबकि 15जून से 31 अक्टूबर की अवधि में खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

बारादेही में रेत खदान से चार डम्पर जब्त

सौंसर के समीप बारादेही रेतघाट में खड़े चार डम्पर शुक्रवार को प्रशासन ने जब्त कर लिए और सौंसर थाने में खड़े करवा दिए। इस दौरान दो जेसीबी मशीन भी मिली। इनके रेकॉर्ड की जांच की जा रही है।

निष्क्रिय पड़ी है टास्क फोर्स

हर जिले में पुलिस, राजस्व, वन और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मिलाकर एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसका मकसद अवैध रेत के कारोबार और संग्रहण को रोकना था। इसकी गतिविधियां शून्य बताई जा रही हैं।

ये शिकायतें हैं जिले में खास

1. सौंसर के पास मालेगांव में कन्हान नदी में रेत का अवैध उत्खनन जारी है। मप्र और महाराष्ट्र की बार्डर होने से महाराष्ट्र के लोग लोहांगी, सायरा,रंगारी और परतापुर से प्रतिदिन रेत नागपुर समेत आसपास ले जा रहे हैं।
2. चौरई के पास सिरेगांव से रेत सीधे चांद के रास्ते बेची जा रही है। चांद की पेंच नदी में भी सफेदपोश सक्रिय है।
3. चंदनगांव में बोदरी नदी और शिकारपुर नदी के किनारे से भी रेत निकाली जा रही है। शहर में यहीं से रेत आकर संग्रहित हो रही है।
4. तामिया के अनखावाड़ी, छिंदी समेत आसपास के इलाकों में भी रेत का कारोबार जारी है।
5. छिंदवाड़ा शहर में नरसिंहपुर रोड, सेल टैक्स ऑफिस के पास, गुलाबरा, शक्ति नगर समेत गली-मोहल्लों में रेत का संग्रहण कर कारोबार हो रहे हैं।

भंडारण के लिए लाइसेंस अनिवार्य

जिले में रेत भंडारण की शिकायतें मिलने पर खनिज विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। विभागीय नियम के तहत इसके भंडारण के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
आशालता वैध, खनिज अधिकारी छिंदवाड़ा

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned