आप देखकर तय करें: सीएम के जिले में पांच करोड़ में विकास हुआ या फिर भ्रष्टाचार

Prabha Shankar Giri

Updated: 26 May 2019, 11:52:39 AM (IST)

Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

छिंदवाड़ा. छोटा तालाब में प्रवेश करने वाले गंदे नालों को अभी तक दूसरे स्थान पर डायवर्ट नहीं किया जा सका है। इससे पांच करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने के बाद भी इस तालाब को देव ताल का दर्जा नहीं मिल पाया है।
निगम के रिकॉर्ड को देखा जाए तो वर्ष 2015-16 में 5.76 करोड़ रुपए की लागत से तालाब के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव में रिटर्निंग वाल, टो-वाल, पॉथवे, रोड साइड, हाकर्स जोन, स्ट्रीट लाइट, आरनामेंटल, डस्टबिन, आरनामेंटल रैलिंग, आरनामेंटल साइनेज,व्यू पाइंट, मेन गेट व ड्रेन, फेंसिंग जाली, लैंड स्केपिंग, इलेक्ट्रीशियन जैसे निर्माण थे। इनमें से कुछ कार्य अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। जबकि अधिकांश राशि का भुगतान किया जा चुका है। इतनी राशि खर्च होने के बाद भी सबसे बड़ी समस्या यह है कि तालाब के गंदे नालों को डायवर्ट नहीं किया गया है।
इससे इस तालाब को देवताल नहीं बनाया जा सका है। इसका प्रस्ताव नगर निगम में पारित हुआ था। इस पर उदासीनता का नतीजा यह है कि नालों का गंदा पानी अभी भी तालाब में प्रवेश करता है। इस विषाक्त पानी से हर साल हजारों मछलियां ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ देतीं हैं। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी चिंता जता चुका है।

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