Coal India In Trouble: सात साल में वेकोलि ने सरकार को नहीं चुकाए करोड़ों रुपए

खनिज विभाग ने कोरोना काल में निकाली थी रिकवरी, पेंच और कन्हान प्रबंधन से मांगी राशि

By: prabha shankar

Published: 14 Oct 2021, 11:00 AM IST

छिंदवाड़ा। कोयला संकट से घिरे वेकोलि के सिर पर एक और मुसीबत मंडराने लगी है। खनिज विभाग ने पेंच और कन्हान प्रबंधन से बकाया रॉयल्टी और टैक्स के 51 करोड़ रुपए मांग लिए हैं, जिसे कोरोना काल में रिकॉर्ड के परीक्षण में निकाला गया था। इस बकाया भुगतान के लिए वेकोलि अधिकारियों से भी बातचीत शुरू कर दी गई है।
खनिज विभाग के सूत्रों के मुताबिक वेकोलि पेंच और कन्हान एरिया में करीब 53 कोयला खदानों की लीज सरकार से लेकर बैठी है। वर्तमान में इन दोनों क्षेत्रों में 29 खदानों को चालू हालत में बताया गया है। इनसे वर्तमान में करीब 60 करोड़ रुपए की रॉयल्टी हर साल विभाग को मिलती है। पिछले कुछ माह पहले कोरोना काल में खनिज विभाग की टीम ने वर्ष 2013 से वेकोलि के रिकॉर्ड खंगाले तो रॉयल्टी, अनिवार्य भू-भाटक और ग्रामीण सडक़ अधोसंरचना कर का बकाया पेंच एरिया पर 35.31 करोड़ तथा कन्हान एरिया पर 15.42 करोड़ रुपए निकला। इस पर नोटिस देकर वेकोलि अधिकारियों के ध्यान में यह तथ्य लाया गया है। इस पर खनिज विभाग ने बातचीत भी की है। इसके साथ ही वेकोलि अधिकारियों पर भुगतान करने पर दबाव भी बनाया गया है। देखना यह है कि कोयला उत्पादन के संकट से जूझ रही वेकोलि खनिज विभाग को बकाया राशि का भुगतान कब कर पाती है।

शारदा, धनकसा से शुरू नहीं हो पाया उत्पादन
विगत वर्ष 2020 के जून में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेंच की धनकसा और कन्हान की शारदा कोयला खदान प्रोजेक्ट का वर्चुअल शुभारम्भ किया था। इसके बाद इन दोनों खदानों में कोयला उत्पादन से पहले तमाम औपचारिकताएं और मैदानी तैयारी शुरू की गई थीं। अभी भी यह भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रिया में हैं। इसके चलते उत्पादन में वक्त लगेगा। यदि ये खदान चालू हो जाती तो बिजली प्लांट में ज्यादा कोयला पहुंचता।

मंडला नार्थ और साउथ खदान प्रोजेक्ट भी ठंडे
कोयलांचल के मंडला नार्थ और मंडला साउथ कोल ब्लॉक जेपी कम्पनी को दिए गए थे। पांच साल से ज्यादा वक्त होने पर भी कोयला उत्पादन आज तक शुरू नहीं हो पाया। अब सुनने में आया है कि ये दोनों खदानों को सरेंडर की जा रहीं हैं। हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि का इंतजार है। इधर, एक अन्य खदान ब्रम्हपुरी भी पिछले साल एक और कम्पनी को दी गई है। जिसकी औपचारिकताओं की पूर्ति के लिए भोपाल में फाइल चल रही है।

prabha shankar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned