कलेक्ट्रेट दर दे रहे न ही नियमित वेतन...आउटसोर्स एजेंसी की मनमानी, जानें वजह

- आउटसोर्स एजेंसी ने दो महीने से वेतन भी नहीं किया, पीडि़तों ने कई बार की शिकायत

By: Dinesh Sahu

Published: 24 Nov 2020, 12:06 PM IST

छिंदवाड़ा/ जिला अस्पताल में कार्यरत करीब 35 सपोर्ट स्टाफ को आउटसोर्स एजेंसी द्वारा पिछले दो महीने से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं शासन के निर्देशानुसार वेतन अद्र्धकुशल श्रेणी के तहत कलेक्टे्रट दर से वेतन दिए जाने के निर्देश है, वह भी नहीं दिया जा रहा है। इस संदर्भ में पीडि़तों ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों को शिकायत भी की है तथा इसके पूर्व में सूचना देने के बाद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।

बताया जाता है कि आउटसोर्स एजेंसी के खिलाफ बार-बार उक्त तरह की शिकायत आने पर विभाग ने एजेंसी का भुगतान रोक दिया था। पीडि़तों ने बताया कि वे वर्ष 2012 से वृद्धजन वार्ड, एनसीडी, एसएनसीयू, पीआइसीयू, एनआरसी आदि विभागों में सेवा देते आ रहे है। एनएचएम द्वारा विधिवत प्रथम नियुक्ति 7500 रुपए मानदेय के तहत की गई थी। लेकिन वर्ष 2017 में उक्त कर्मचारियों को एनएचएम से पृथक कर दिया गया तथा रोगी कल्याण समिति में रखा गया है, जहां उन्हें 5500 रुपए मानदेय दिया गया।

इसके बाद 13 अगस्त 2019 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देश पर आउटसोर्स कर दिया गया तथा अद्र्धकुशल श्रेणी के कर्मी के तहत एजेंसी को रखने के निर्देश दिए गए। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स एजेंसी को शासन के निर्देशानुसार पत्र भी जारी किया, पर वेतन कलेक्टे्रट दर से अब तक नहीं दिया जाना पीडि़तों ने बताया है।


दिया जा रहा है वेतन -


जिला अस्पताल के सभी सपोर्ट स्टाफ को अद्र्धकुशल श्रेणी के तहत वेतन भुगतान किया जा रहा है तथा शासन के निर्देशानुसार इपीएफ, इएसआइ समेत अन्य कटौति करने के उपरांत भुगतान हो रहा है।
- डीपी पाठक, आउटसोर्स एजेंसी न्यू बुलेंदखंड सिक्यूरिटी सर्विस इंदौर

कार्रवाई की दी है चेतावनी -


वेतन भुगतान नहीं करने वाले मामले में एजेंसी प्रमुख से बात की गई है तथा नियमित भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही कलेक्टर को भी पत्र लिखा गया है।


- डॉ. पी. कौर गोगिया, सिविल सर्जन

COVID-19
Show More
Dinesh Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned