मनपसंद कॉलेज में दाखिले की होड़, सीट वृद्धि की कम गुंजाइश

12वीं पास विद्यार्थी मनपसंद कॉलेज में दाखिले के सपने संजो रहे हैं।

By: ashish mishra

Published: 07 Jun 2018, 11:45 AM IST


छिंदवाड़ा. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न शासकीय, अशासकीय कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ 12वीं पास विद्यार्थी मनपसंद कॉलेज में दाखिले के सपने संजो रहे हैं। हालांकि इस बार भी बीते वर्ष की तरह मनपसंद कॉलेजों में निर्धारित सीट से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन की संभावना है। ऐसे में पंसदीदा विषयों से विद्यार्थी इस बार भी वंचित हो सकते हैं। कुछ कॉलेजों की मानें तो इस बार वे स्नातक, स्नातकोत्तर में सीट वृद्धि करने के मूड में नहीं हैं, इसकी वजह है कॉलेज में सीमित संसाधन। कॉलेजों का कहना है कि हमारे पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही कमरे की व्यवस्था। ऐसे में अगर अधिक दाखिला ले लिया तो प्रबंधन करने में काफी परेशानी होगी। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय कॉलेजों पर व्यवस्था के हिसाब से सीट वृद्धि का फैसला छोड़ा है।

पीजी एवं गल्र्स कॉलेज है पहली पसंद
जिला मुख्यालय स्थित शासकीय पीजी कॉलेज एवं राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज जिले के विद्यार्थियों का पसंदीदा कॉलेज हंै। दोनों ही कॉलेज में 40 किमी से भी दूर से विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। गल्र्स कॉलेज छात्राओं के लिए इकलौता कॉलेज है। वहीं पीजी कॉलेज के पसंद होने की वजह ऑटोनोमस है। विद्यार्थियों का कहना है कि यहां समय पर परीक्षा और परिणाम आते हैं। ऐसे में दोनों ही कॉलेज में प्रवेश की होड़ मची रहती है।

जिसमें जगह मिली उसी में ले लिया प्रवेश
बीते वर्ष कुछ संकाय में सीट की संख्या के हिसाब से दोगुने से भी अधिक आवेदन आ गए थे। ऐसे में विद्यार्थियों को पनपसंद विषय नहीं मिल पाया। आलम यह था कि बीएससी करने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों ने बीए में प्रवेश लिया। वहीं कुछ कोर्स ऐसे भी थे जिसमें महज दो से तीन विद्यार्थी ही प्रवेश ले पाए। इस बार भी विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी ही स्थिति बनेगी।

संसाधन के हिसाब से दाखिला
इस संबंध में गल्र्स कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीआर चंदेलकर का कहना है कि स्नातक, स्नातकोत्तर में बीते वर्ष जितनी सीट थी उतनी ही रहेगी। हमारे पास सीमित संसाधन हैं उसी के अनुसार दाखिला लेंगे। वहीं पीजी कॉलेज प्रभारी प्राचार्य डॉ. अमिताभ पांडेय का कहना है कि हर वर्ष कॉलेज में स्नातक, स्नातकोत्तर में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है। इस बार पांच से दस प्रतिशत तक सीट वृद्धि की जा सकती है।

 

ashish mishra Desk
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