College: पाठ्यक्रम जारी नहीं हुआ, कैसे करेंगे चयन, छात्र-प्राध्यापक सब परेशान, पढ़ें पूरी खबर

वर्तमान सत्र से नई शिक्षा नीति लागू की गई है।

By: ashish mishra

Published: 11 Sep 2021, 12:44 PM IST


छिंदवाड़ा. कॉलेजों में सत्र 2021-22 सत्र में लागू हुई नई शिक्षा नीति को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दाखिला ले रहे विद्यार्थी तो दूर कॉलेज और कई प्राध्यापक तक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि मायनर विषय किस आधार पर चुने जाएं। इधर, अल्पसंख्यक कॉलेजों में दाखिला लेने वालों को अभी कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद होने के बाद अलग से पोर्टल खोला जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश में वर्तमान सत्र से नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए पहला चरण 1 अगस्त से शुरु किया। हालांकि आनन-फानन में दाखिले के दूसरे चरण में नई शिक्षा नीति लागू की गई। जिसके बारे में न तो कॉलेज के प्राचार्य, प्राध्यापक और न ही विद्यार्थी पूरी तरह जान पाए थे। विभाग ने प्राचार्यों को नई शिक्षा नीति समझाई और कॉलेजों, कियोस्क सेंटर संचालकों को भी ट्रेनिंग देने के लिए कहा। हालांकि अभी भी कईयों को इसको बारे विस्तृत जानकारी नहीं हो पाई है। नई शिक्षा नीति के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को चुने कोर्स के साथ अन्य स्ट्रीम के विषय पढऩे का भी मौका दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति लागू होने से छात्रों में उत्साह तो जरूर है, लेकिन जब वे पसंद के विषय चुनने का प्रयास कर रहे हैं तो कई को निराशा हाथ लग रही है। दरअसल, इन कोर्स का अब तक पाठ्यक्रम ही जारी नहीं हुआ है। इससे विद्यार्थी मेजर और मायनर विषय के चक्कर में उलझ रहे हैं। छात्र यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि मायनर विषय किस आधार पर चुनें। दूसरी ओर, अल्पसंख्यक कॉलेजों में स्थिति विपरीत है। यहां अभी छात्रों को ऐसा विकल्प ही नहीं दिया जा रहा है। हालांकि बताया जा रहा है कि कॉलेजों के लिए काउंसलिंग के रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद दोबारा से लिंक खोलकर विकल्प दिया जाएगा।

बीबीए-बीसीए में ज्यादा मुश्किल
बीए, बीकॉम और बीएससी के लिए उच्च शिक्षा विभाग 25 प्रोफेशनल कोर्स की सूची जारी कर चुका है। इसमें सौंदर्य एवं स्वास्थ्य कल्याण, औषधीय पौधे, पोषण और आहार विज्ञान, जैविक खेती, बागवानी, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल है, लेकिन बीबीए और बीसीए करने वालों के लिए कोई विषय नहीं सुझाए। अल्पसंख्यक कॉलेजों में भी इन कोर्स में दाखिले हुए हैं। अब ये छात्र भी विषय चुनने के लिए परेशान हो रहे हैं।

इनका कहना है...
पाठ्यक्रम संभवत: दो से तीन दिन में आ जाएगा। अल्पसंख्यक कॉलेजों में नई शिक्षा नीति का फायदा सभी छात्रों को मिलेगा। विभाग द्वारा कुछ दिन में पोर्टल खोला जाएगा।
डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, लीड कॉलेज, छिंदवाड़ा

ashish mishra Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned