खुले में रहने को मजबूर पीएम आवास के हितग्राही

arun garhewal

Publish: Feb, 15 2018 04:59:27 PM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
खुले में रहने को मजबूर पीएम आवास के हितग्राही

भारी बारिश के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मकान के हितग्राही की मुसीबतें और बढ़ गए है। प्रधानमंत्री आवास के तहत नगर में लगभग 50

अमरवाड़ा. भारी बारिश के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मकान के हितग्राही की मुसीबतें और बढ़ गए है। प्रधानमंत्री आवास के तहत नगर में लगभग 500 परिवार पर मानो कहर ही ढा दिया हो। जिनके आवास बन रहे है पर वह परिवार सहित खुली छत के नीचे रहकर जीवन बसर कर रहे हैं। मंगलवार शाम की बारिश में गरीबों पर कहर बन कर बरसी। तारपोलिन और पॉलीथिन लगाकर रह रहे गरीबों तेज आंधी और बारिश से तहस नहस हो गई। सोने बिछाने के कपड़े भी गीले हो गए। पीडि़त परिवार किसी परिचित या सार्वजनिक स्थल एवं मंदिरों की शरण लेते देखे गए। घरों में दरवाजे नहीं, छत नहीं, पूरा मकान खुला पड़ा। अब नया आवास बनाकर हितग्राही बुरी तरह से परेशान है। उनके सुनने वाला भी कोई नहीं। जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी एक दूसरे पर टालमटोल कर रहे हैं। अब इस लापरवाही के लिए लोग नगर पालिका को दोष दे रहे हैं।
पार्षद और जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। अमरवाड़ा नगर नई आबादी चौराहे रोड, गोदर मोहल्ला वार्ड में बनने वाले हितग्राहियों ने बताया कि 2-3 महीने पूर्व ही हमारे मकानों की दीवारें लेंट लेवल पर पहुंच गई है लेकिन अभी तक शेष राशि प्राप्त नहीं हुई जिसके कारण मकान काम नहीं अधूरा है लेंटर नहीं डलने से पूरा खुला हुआ है।
नहीं मिल रहे गैस कनेक्शन
चौरई . चौरई नगरीय क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। जिससे गरीब परिवारों में निराशा का माहौल है। केंद्र सरकार द्वारा गरीब परिवारों के कल्याण के लिए चलाई जा रही इस योजना के लाभ से चौरई क्षेत्र के हजारों गरीब परिवार आज भी वंचित हैं। पात्र परिवारों को आवेदन के कई महीनों से अधिक समय बीत जाने के बाद आज भी गैस कनेक्शन के लिए लंबा इन्तजार करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा गांव और शहर में गरीबी रेखा में जीवन बिता रहे परिवारों के लिए योजना को शुरू तो कर दिया है परंतु जमीनी स्तर की हकीकत ये है कि लोगों को इसका सही लाभ नहीं मिल पा रहा है दूसरी ओर राशन दुकानों में केरोसिन नही मिलने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।
इस प्रकार की जनहितैषी योजना में जा रही गंभीर लापरवाही से प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना भी प्रभावित हो रही है इस मामले पर विभाग के के जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं जिला स्तर पर सरकार की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उज्ज्वला योजना की जमीनी हक़ीकत जानकर उसकी प्रगति के बारे में ठोस कार्यवाही की पहल से शायद आंकड़ों में बदलाव सम्भव हो सकेगा नही तो ये सिलसिला कब तक यूँ ही चलता रहेगा ये कोई नही जानता ।

 

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