आयुष्मान योजना को लेकर भ्रम की स्थिति

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को लेकर गरीब वर्ग संशय में है।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 19 Jan 2019, 06:14 PM IST

पांढुर्ना. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को लेकर गरीब वर्ग संशय में है। जो स्वास्थ्य विभाग कल तक इसका पंजीयन जिला चिकित्सालय से होने की बात कह रहा था वह आज इसमें 25 हजार गरीबों का पंजीयन करने का दावा कर रहा है। जबकि अस्पताल पहुंच रहे गरीबों को इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक का उपचार निशुल्क होगा इसलिए गरीब वर्ग इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहता है।
इस मामले में बीएमओ डॉ. अशोक भगत का कहना है कि चुनाव से पहले हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं ने सर्वे के माध्यम से 25 हजार गरीब पात्र परिवारों के नाम का पंजीयन कराया है। इसके लिए नगर पालिका और ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दउी गई परंतु पत्रिका ने जब इस संबंध में जनपद पंचायत की सीईओ विजयलक्ष्मी मरावी से जानकारी मांगी तो उन्होंने योजना को लेकर किसी प्रकार के आदेश नहीं होने बात कही। वहीं नगर पालिका के योजना लिपिक कैलाश बावनकर ने भी योजना से जुड़ी किसी प्रकार के आदेश निर्देश प्राप्त नहीं होने की बात कही है। फिर आखिर 25 हजार परिवारों के पंजीयन कहां हो गए इस पर सवाल पैदा हो गया है। इधर बीएमओ का यह भी कहना है की सरकार बदलने के कारण इस योजना पर कोई क्रियांवयन नहीं हो पा रही है।

50 रुपए में पंजीयन
जानकारी के अनुसार जिन गरीब परिवारों ने इस संबंध में जानकारी निकाली है वे शहर के एक सेंटर पर जाकर 50 रुपए देकर अपना पंजीयन करवा रहे है। इस सेंटर के संचालक का कहना है कि यह पंजीयन सरकारी कार्यालयों में निशुल्क किया जाना चाहिए परंतु स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से इस योजना का लाभ गरीब परिवारों को नहीं मिल रहा है।
5 लाख का स्वास्थ्य बीमा
योजना के अंतर्गत परिवार के 6 सदस्यों को दवा या एक्स-रे, पैथालॉजी के रूप में नियत किए गए सरकारी या निजी अस्पतालों में उपचार का खर्च सरकार देती है। गरीब परिवारों या संबल योजना के पंजीयन कर्ताओं को नागपुर के बड़े अस्पतालों में उपचार का लाभ दिया जा रहा है परंतु योजना का प्रचार प्रसार या कियांवयन नहीं होने से गरीब वर्ग इससे वंचित है।

Sanjay Kumar Dandale
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