Consumer aware: ई-टिकट एजेंट ने उपभोक्ता के साथ कर दी ऐसी गलती, अब देना होगा हर्जाना

क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है।

By: ashish mishra

Published: 27 Nov 2019, 11:38 AM IST


छिंदवाड़ा. जिला उपभोक्ता फोरम ने ई-टिकट संचालक द्वारा उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी एवं सेवा में कमी पाए जाने पर 24 हजार आठ सौ पचास रुपए क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। मामला 15 मार्च 2018 का है। अधिवक्ता अनुपम गढेवाल एवं गोविंद माहोरे ने छिंदवाड़ा में संचालित ई-टिकट संचालक से नागपुर से पुरी के लिए ई-टिकट बूक कराया। संचालक ने उपभोक्ता को ई-टिकट प्रदान किया और यात्रा तिथि पर टिकट कंफर्म होने की बात कही, लेकिन टिकट कंफर्म नहीं हुआ। ई-टिकट एजेंट ट्रेन में चढऩे तक उपभोक्ता से यह कहता रहा कि आप की टिकट कंफर्म हो चुकी है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट वेटिंग होने की वजह से टीटी ने उपभोक्ता को फाइन लगा दिया। राशि टिकट एजेंट के खाते में वापस भी आ गई थी, लेकिन उसने उपभोक्ता को नहीं लौटाया। ऐसे में उपभोक्ता अनुपम एवं गोविंद ने उपभोक्ता फोरम के समक्ष प्रकरण प्रस्तुति किया। फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ई-टिकट संचालक द्वारा उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी एवं सेवा में कमी पाया और 24 हजार आठ सौ पचास रुपए एवं परिवाद का खर्च एवं क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।

Patrika
ashish mishra Desk
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