आर्थिक संकट में बस-ट्रक के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर

परासिया विधायक ने की सीएम से हस्तक्षेप की मांग

निजी वाहन स्वामियों ने रोका वेतन
छिंदवाड़ा / कोरोना लॉकडाउन में बस और ट्रक ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। निजी वाहन मालिक उनके वेतन का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उनके समर्थन में परासिया विधायक सोहन वाल्मीक भी सीएम को पत्र लिख चुके हैं।
विधायक बाल्मीक ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में सैकड़ों निजी बस, ट्रक आदि वाहन संचालित होते हैं। इन वाहनों के चालक, परिचालक तथा क्लीनर मासिक वेतन अथवा दैनिक मजदूरी पर कार्य करते हैं तथा परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। विगत लगभग 40 दिनों से नोबल कोरोना वायरस कोविड -19 महामारी के कारण लॉकडाउन होने से इन वाहनों का संचालन बंद है। इससे वाहनों के चालक, परिचालक तथा क्लीनर्स को परिवार का पालन-पोषण करने के लिए आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उनकी स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो गई है ।
पत्र के अनुसार शासन के निर्देशानुसार किसी भी शासकीय, अद्र्ध शासकीय तथा निजी संस्थान किसी भी सेवक का वेतन का कटौती नहीं किया जाना है, लेकिन जिले में संचालित निजी वाहनों के मालिकों द्वारा कर्मियों को वेतन अथवा मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
विधायक ने सीएम से आग्रह किया कि वाहन मालिकों से एक माह का वेतन व मजदूरी का भुगतान कराया कराया जाए।

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