Corona Effect: दो माह तक होता रहा सिर्फ मौत का पंजीयन

अन्य माह की अपेेक्षा बीते दो माह में दस गुना अधिक दर्ज हुई मौत

By: prabha shankar

Published: 10 Jun 2021, 10:29 AM IST

छिंदवाड़ा। वैसे तो, अपै्रल व मई माह विवाहों के मुहूर्तों के लिए जाना जाता है, लेकिन बीते दो वर्षों से यह माह विवाह के लिए संक्रमण काल सिद्ध हो रहा है। इस वर्ष आठ अपै्रल से लॉकडाउन के लागू होने के बाद कुछ विवाह तो हुए परंतु पंजीयन के लिए निगम में न तो आवेदन किए गए और न ही पंजीयन जारी हुए। नगर निगम की जन्म मृत्यु शाखा में आठ अपै्रल से दो महीने तक सिर्फ मृत्यु का ही पंजीयन किया गया। सू़त्रों की मानें तो इस दौरान जन्म के प्रमाण पत्र के लिए भी अन्य दिनों की अपेक्षा 25 प्रतिशत से भी कम लोग पहुंचे।
कोरोना संक्रमण एवं उसके दुष्प्रभाव से होने वाली मौतों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। सिर्फ नगरीय क्ष़ेत्र में दो माह तक करीब दो हजार मौतों का पंजीयन निगम के जन्म मृत्यु शाखा में किया गया। यह आंकड़े माह अपै्रल एवं मई के हैं, जबकि जनवरी, फरवरी एवं मार्च महीने के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो मौतों की संख्या 80 से 100 के बीच प्रतिमाह रही।
अचानक ही दो महीने के दौरान दस-दस गुना अधिक मौत, कहीं न कहीं संक्रमण की भयावहता का प्रमाण देती है। वर्तमान में किसी भी नागरिक की मृत्यु के बाद सम्पत्ति से लेकर कई प्रकार के दस्तावेजी कार्य बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के नहीं होते हैं। इसलिए मौत के तुरंत बाद मृतक के परिजन निगम पहुंचकर अपने परिजन की मौत की जानकारी, डॉक्टर द्वारा दिए गए मृत्यु के कारणों सहित आवेदन देते हैं, जिसके बाद ऑनलाइन सारी जानकारी फ ीड की जाती है।
ऐसे करीब 1100 मामले हैं जिनमें मौत का कारण संक्रमण है, जबकि 7-8 सौ मौत अन्य कारणों से हुई हैं। हालांकि मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु के कारण का उल्लेख नहीं किया जाता है।

इनका कहना है
करीब दो हजार से अधिक मौत दो महीने में निगम क्षेत्र में हुई है। इनमें अस्पताल से 11 सौ रजिस्टेशन हो गए थे, शेष निगम द्वारा सर्टिफिकेट जारी किए गए। - हिमांशु सिंह, आयुक्त नगर निगम

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