Corona effect: नवरात्र में मूर्तिकारों की दूर होगी आर्थिक संकट, गाइडलाइन का इंतजार

मूर्तिकारों ने मूर्ति बनाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।

By: ashish mishra

Updated: 10 Sep 2020, 12:10 PM IST

छिंदवाड़ा. कोरोना महामारी की की मार झेल रहे मूर्तिकारों को नवरात्र में अच्छी आमदनी की उम्मीद जगी है। मूर्तिकारों का कहना है कि 5 सितंबर को मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से दुर्गा उत्सव मनाने की अनुमति दे दी है। ऐसे में वे तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि अभी मूर्तियों के स्वरूप को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक चलेंगे। ऐसे में मूर्तिकारों ने मूर्ति बनाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। शहर में लगभग 50 से अधिक मूर्तिकार हैं, जो देवी-देवताओं की मूर्तियां तैयार करते हैं। ज्यादातर मूर्तिकारों ने मिट्टी, लकड़ी, घास-फूस आदि मंगाकर मूर्तियां बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी केवल चार फीट तक की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि घरों में मां दुर्गा को विराजमान करने के लिए प्रतिमा बनाने के आर्डर आ रहे हैं। गौरतलब है कि इस साल कोरोना वायरस की गाइडलाइन के परिपालन में गणेशोत्सव में पंडाल लगाने व बड़ी मूर्तियां न तैयार करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए थे। ऐसे में मूर्तिकारों ने घर में विराजमान करने के लिए केवल छोटी मूर्तियां ही तैयार की थीं।

मूर्ति के आकार को लेकर दुविधा
मूर्तिकारों का कहना है कि पंडाल लगाने की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन कितनी बड़ी मूर्तियां विराजान कराई जा सकेंगी, इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। मूर्तिकारों का कहना है कि पंडाल समितियां भी इस वजह से अभी आर्डर नहीं दे रही हैं। प्रशासन मूर्ति की ऊंचाई को लेकर गाइडलाइन जारी कर दे तो उनके पास मूर्ति बनवाने के लिए लोग आना शुरू हो जाएंगे। अभी लोग इस दुविधा में हैं कि कहीं ऐसा न हो कि वे बड़ी प्रतिमा तैयार करा लें और उसे विराजमान करने की मंजूरी प्रशासन से न मिले। मूर्तिकारों का कहना है कि उन्होंने गणेश प्रतिमाएं तैयार करने के लिए काफी सामग्री खरीदी थी, लेकिन उसका उपयोग नहीं कर सके। ऐसे में अब इस सामग्री का इस्तेमाल मां दुर्गा की मूर्तियां तैयार करने में किया जा सकेगा।


इनका कहना है...
दुर्गा उत्सव में पंडाल लगाने की मंजूरी मिलने से उम्मीद जगी है। अभी मां दुर्गा को घरों में विराजमान करने के लिए मूर्तियों के आर्डर आए हैं। चार फीट तक की मूर्तियां ही तैयार कर रहे हैं। मूर्ति के आकार को लेकर संशय है। पंडाल समितियों ने अभी आर्डर नहीं दिया है। वह प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। हर साल सात से आठ फीट तक की करीब 15 मूर्तियां हम तैयार करते हैं।

मोहन पेंटर, मूर्तिकार
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हमने अपने पुराने रेगुलर कस्टमर मंडल समितियों से बात की है। उनका कहना है कि जब तक मूर्ति के आकार को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन नहीं जारी हो जाती तब तक वह आर्डर नहीं दे सकते। हर वर्ष 5 से 10 फीट की मां दुर्गा की मूर्ति बनाते हैं।
राजू पेंटर, मूर्तिकार

ashish mishra Desk
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