Corona effect: परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने मैदान में उतरे विद्यार्थी

परिवारों के लिए विद्यार्थी सहारा बन पड़े हैं।

By: ashish mishra

Published: 02 Jun 2020, 12:18 PM IST

छिंदवाड़ा. लॉकडाउन में आर्थिक तंगी से गुजर रहे परिवारों के लिए विद्यार्थी सहारा बन पड़े हैं। परिवार की मदद करने के लिए वे विभिन्न जतन कर रहे हैं। कोई ठेला लगाकर फल तो कोई दुकान पर रहकर दवा और किराना का सामान बेच रहा है। इसके अलावा मंडियों सहित अन्य जगहों में भी युवा काम कर परिवार का हाथ बंटा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि लॉकडाउन ने हमारी शिक्षा पर ग्रहण लगा दिया है। दो माह से आमदनी का जरिया बंद होने से परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में परिवार की मदद करने एवं पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए हम खुद ही मैदान में उतर पड़े हैं। युवाओं का कहना है कि हमें जो भी रोजगार मिल रहा है उसे खुशी-खुशी कर रहे हैं। हमारी मेहनत से ही घर की तंगी दूर होगी। वैसे भी इस समय स्कूल-कॉलेज बंद है। इस समय अगर अच्छी कमाई हो जाएगी तो मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

झुलसा देने वाली गर्मी में भी हौंसला कायम
सांवरी निवासी संदीप पराडकऱ ने बताया कि वह बीकॉम प्रथम सेमेस्टर का छात्र है। पढ़ाई का खर्च निकालने एवं परिवार का हाथ बंटाने के लिए वह मेडिकल स्टोर दुकान पर काम कर रहे हैं। वहीं गुरैया रोड निवासी राजेश कुमरे बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। राजेश ने बताया कि लॉकडाउन के कुछ दिन तो उनके परिवार ने संघर्ष किया, लेकिन एक माह बाद राजेश ने फल की दुकान लगाकर परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने का संकल्प लिया। राजेश कहते हैं कि रोज सुबह 7 बजे फल लेने के लिए मंडी जाता हूं। उसके बाद झुलासा देने वाली गर्मी में प्रतिदिन 15 से 20 किमी चलकर ठेले पर फल बेचता हूं। प्रतिदिन 5 से 6 सौ रुपए की आमदनी हो रही है। मेरे काम करने से परिवार की स्थिति ठीक हो गई है और मैं पढ़ाई का खर्च भी जुटा रहा हूं। वहीं टू-व्हीलर दुकान पर रितेश भी मैकेनिक का काम कर परिवार का हाथ बंटा रहे हैं।

ashish mishra Desk
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