Corona effect: बिना परीक्षा दिए ही ये विद्यार्थी होंगे उत्तीर्ण, मिलेगा न्यूनतम अंक

बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली थी।

By: ashish mishra

Published: 16 May 2021, 09:48 PM IST

छिंदवाड़ा. माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए हाईस्कूल परीक्षा 2021 का आयोजन न किए जाने के निर्णय से कुछ विद्यार्थी खुश हैं तो कुछ मायूस हो गए हैं। हालांकि अधिकतर विद्यार्थियों का कहना है कि माशिमं ने कोरोना की स्थिति और विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए सही फैसला लिया है। दरअसल विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली थी। अब माशिमं के निर्णय से उन्हें थोड़ा दुख हो रहा है। विद्यार्थियों का कहना हे कि अगर वह परीक्षा देते तो बेहतर से बेहतर अंक मिल जाते। गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शुक्रवार को आदेश जारी कर 10वीं बोर्ड परीक्षा न कराने एवं 12वीं की परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। 10वीं के नियमित एवं ध्वायायी परीक्षार्थियों को किस आधार पर उत्तीर्ण किया जाएगा इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किया है। स्कूल प्राचार्र्यो को पूरी जिम्मेदारी दी गई है। हाईस्कूल के नियमित परीक्षार्थियों को अद्र्धवार्षिक परीक्षा/प्री-बोर्ड परीक्षा, यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त अंक सहित अन्य मापदंड के आधार पर उत्तीर्ण किया जाएगा। माशिमं द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने के लिए ओएमआर शीट्स शालाओं को उपलब्ध कराएगी। हाईस्कूल के विज्ञान, एनएसक्यूएफ एवं अन्य विषयों की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी, लेकिन प्रायोगिक भाग की ओएमआर शीट्स में परीक्षार्थियों को उनके वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन की भांति संबंधित संस्था द्वारा ओएमआर शीट्स में अंक प्रदान किए जाएंगे।

प्राचार्य को रखनी होगी पूरी रिपोर्ट
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल प्राचार्य का यह दायित्व होगा कि वे जिसके आधार पर सभी छात्रों का विषयवार मूल्यांकन किया गया है, उससे संबंधित विषयवार मूल अभिलेख स्कूल में संधारित करेंगे। माशिमं को जब भीा अभिलेख की जरूरत पड़ेगी तब प्राचार्य अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे।

अनुत्तीर्ण छात्रों को भी किया जाएगा उत्तीर्ण
माशिमं द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार अगर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 10 परीक्षार्थी उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसे न्यूनतम उत्तीर्णांक(33 प्रतिशत) प्रदान करते हुए उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा। इसके अलावा समस्त विषयों में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा एवं अगले सत्र में पुन: परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। यही प्रक्रिया अंध-मूक-बधिर श्रेणी के परीक्षार्थियों के लिए लागू होगी।

स्वाध्यायी परीक्षार्थियों को मिलेगा न्यूनतम अंक
माध्यमिक शिक्षा मंडल का कहना है कि स्वाध्यायी छात्रों हेतु आंतरिक मूल्यांकन का प्रावधान नहीं होता है। ऐसी स्थिति में हाईस्कूल परीक्षा 2021 में सम्मिलित होने वाले समस्त स्वाध्यायी छात्रों को न्यूनतम उत्तीर्ण अंक(33) देते हुए अंकसूची जारी की जाएगी।

भविष्य में दे सकेंगे परीक्षा
माशिमं ने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई नियमित या स्वाध्यायी परीक्षार्थी अपने अंक/प्रणाली से असंतुष्ट है तो भविष्य में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा।


नहीं जारी होगी मेरिट
मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को पूर्व वर्षानुसार बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति का लाभ देते हुए अंकसूचियों में केवल श्रेणी अंकित की जाएगी, लेकिन इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा की मेरिट सूची जारी नहीं की जाएगी। सभी निर्धारित पूरी करने के बाद स्कूलों को 30 मई तक ओएमआर शीट्स मंडल को भेजनी होगी।

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