Corona Effect: परेशानी जिसे कोरोना संक्रमण में भूल गए, लेकिन इसका दर्द कोरोना से कम नहीं

कहीं पेयजल समस्या तो कहीं गंदा पानी पीने की मजबूरी, कफ्र्यू होने से जिला मुख्यालय नहीं आ रहे संकटग्रस्त लोग पीएचइ ने भी नहीं बनाया शिकायत निवारण सेल

By: prabha shankar

Updated: 14 May 2021, 11:20 AM IST

छिंदवाड़ा। पिछले दो माह से कोरोना संक्रमण पर पूरा ध्यान होने से ये भूल गए कि ग्रामीण इलाकों की बड़ी आबादी इस समय पेयजल संकट का सामना कर रही है। कोरोना कफ्र्यू लागू होने से ये लोग अपनी शिकायत करने कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच रहे हैं। इनकी समस्या के समाधान के लिए पीएचइ विभाग द्वारा कोई शिकायत निवारण प्रकोष्ठ भी नहीं बनाया गया है।
हर साल गर्मी की शुरुआत मार्च से ही तामिया, अमरवाड़ा, हर्रई, परासिया, जुन्नारदेव, बिछुआ और सौंसर तथा पांढुर्ना के अधिकांश गांव पेयजल संकट की चपेट में आ जाते हैं। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण का लॉकडाउन होने से ग्रामीण अंचल के लोग शिकायत करने जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे गांवों में पेयजल के हालात की सही मैदानी रिपोर्ट भी सामने नहीं आ रही है। प्रशासन का ध्यान भी कोरोना संक्रमण के रोकने पर होने से पेयजल संकट को भुला दिया गया है। जबकि एक बड़ी आबादी इस समस्या से जूझ रही है

हरिलाल ढाना में झिरिया का पी रहे पानी
तामिया विकासखण्ड की ग्राम पंचायत छिंदी के हरिलाल ढाना में लगातार शिकायत करने के बाद भी पेयजल समस्या का हल नहीं निकाला गया है। इस ढाना में करीब 50 परिवार निवासरत हैं। ग्रामीण और महिलाएं एक किमी दूर झिरिया में पहुंचते हैं और गंदा पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। इस ढाना में मांग किए जाने पर हैंडपंप और कुआं नहीं खोदा गया है। ग्राम की साजिया, जय कुमारी, मनौती समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि गर्मी के तीन माह सुबह-शाम पानी लाने में बीत जाते हैं। पीएचइ विभाग के अधिकारियों ने भी इस गांव की सुध नहीं ली है।

जोगीमुआर: पाइपलाइन टूटी, जाते हैं दो किमी
तामिया से 13 किमी दूर ग्राम पंचायत जोगीमुआर के झीलपुरा में पहले लोग नल-जल योजना से मिलने वाले पानी पीते थे। दो माह से पाइप लाइन टूट जाने से उन्हें पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाएं दो किमी दूर उमरवहा तिराहा के पास नाले की झिरिया का गंदा पानी लाने मजबूर है। इस गांव की समस्या का हल करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।

नागरी: पिछले साल बोर कराया, नहीं निकला पानी
छिंदी मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत नागरी के झीलढाना में पिछले साल पीएचई विभाग द्वारा बोर किया गया था, लेकिन उसमें से पानी नहीं निकला। इसके चलते इस गांव में भी पेयजल समस्या बनी हुई है।

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