कोरोना संक्रमित डॉक्टर चला रहा था क्लीनिक, जानें फिर जो हुआ

- कोविड संक्रमण कार्य में लापरवाही समेत विभिन्न बिंदुओं के तहत कमिश्रर जबलपुर ने की कार्रवाई

By: Dinesh Sahu

Published: 01 Aug 2020, 03:56 PM IST

छिंदवाड़ा/ कोरोना संक्रमण में लापरवाही बरतने और संक्रमित डॉक्टर को आइसोलेट नहीं किए जाने पर पांढुर्ना बीएमओ डॉ. अशोक भगत को संभागीय आयुक्त महेशचंद्र चौधरी ने सस्पेंड कर दिया है। साथ ही डॉ. राजेश गुन्नाडे को आगामी आदेश तक प्रभारी बीएमओ नियुक्त किया गया है। इस संदर्भ में शुक्रवार को उन्होंने आदेश भी जारी कर दिए है।

बताया जाता है कि कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के प्रतिवेदन के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार उच्चाधिकारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के बाद भी कोविड संदिग्धों के सम्पल लिए जाने के बावजूद उन्हें आइसोलेट नहीं किया जा रहा था।

इतना ही नहीं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संक्रमित होने पर भी अपने क्लीनिक में मरीजों का इलाज करते पाए गए तथा ग्राम जुनेवानी हेटी का एक व्यक्ति पॉजिटिव आया था, जिसकी पत्नी की प्रेग्नेंसी के सम्बंध में भी सूचना नहीं देकर क्वॉरंटीन सेंटर में ही प्रसव कराया गया। वहीं प्रसव के उपरांत लापरवाही से जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।

इसके अलावा संदिग्धों का क्वॉरंटीन सेंटर से सेम्पल नहीं लिया जाना, मुख्यालय पर न रहकर सौंसर से आना-जाना करना, अधिनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं होना, फीवर क्लीनिक को शिफ्ट करना आदि बिंदुओं के तहत कार्रवाई की गई है। सीएमएचओ डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि निलंबन अवधि में डॉ. भगत का मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय छिंदवाड़ा रहेगा।

COVID-19
Show More
Dinesh Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned