Corona: कोरोना से मिली तीसरी जीत...विदाई पर कई की नम हुई आंखें, देखें वीडियो

कोरोना से जंग में मिली तीसरी सफलता, स्वस्थ गोकुल हुए विदा

By: Dinesh Sahu

Published: 16 May 2020, 01:01 PM IST

छिंदवाड़ा/ कोविड-19 से जंग में जिले को पांच पॉजिटिव मरीजों में से तीन को ठीक करने में सफलता मिल गई हैं। इसमें 28 अप्रैल को दम्पती के स्वस्थ होने पर उन्हें पहले ही डिस्चार्ज कर दिया गया है तथा इक्कीस दिवस के उपचार के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे केवलारी निवासी गोकुल राठोर को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं सेम्पल फेल में रमेश इवनाती समेत तीन और मोहखेड़, परासिया, पांढुर्ना में बाहर से आने वाले चार नवीन कोविड-19 संदिग्धों के सेम्पल जांच के लिए आइसीएमआर लैब जबलपुर भेजे गए है।

इमरजेंसी एम्बुलेंस 108 की मदद से गोकुल को उनके गृह ग्राम केवलारी भेजा गया। इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में उत्साह का माहौल था तथा डॉक्टर, नर्स तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें विदाई दी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

इस अवसर पर एडीएम राजेश बाथम, एसडीएम अतुल सिंह, निगमायुक्त राजेश शाही, डीन डॉ. जीबी रामटेके, सिविल सर्जन डॉ. पी. कौर गोगिया, आरएमओ डॉ. सुशील दुबे, आइसोलेशन वार्ड के नोडल डॉ. भूपेंद्र जैन, आरटीओ समेत अन्य प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


नाश्ते में दिया गया पौष्टिक खाद्य -


आइसोलेशन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डिस्चार्ज करने से पहले गोकुल को नाश्ता दिया गया, जिसमें दलिया, पौष्टिक दूध, अंडा, बिस्किट तथा चाय आदि शामिल है। सिविल सर्जन ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के तहत फिलहाल 14 दिवस होम क्वॉरंटीन में रहना होगा।


खिड़की से झांकते रहे रमेश और निकल पड़े आंसू -


कोरोना की एक नेगेटिव रिपोर्ट आई तो रमेश इवनाती के मन में भी उत्साह था कि वह करीब 40 दिन बाद अपने घर वापस जाएंगे। लेकिन दूसरी बार की जांच में सेम्पल फेल होने से ऐसा नहीं हो सका तथा गोकुल की विदाई का नाजारा अस्पताल की खिड़की से देखते रहे और उम्मीदों भरी निगाहों से आंसू टपकने लगे। नर्सिंग स्टाफ ने जब उन्हें निराश होते देखा तो समझा तथा ढंढास बंधाई कि आप भी स्वस्थ हो और डिस्चार्ज हो जाएंगे।


सिंगोड़ी क्वॉरंटीन में रहे 20 से 22 दिन -


पत्रिका से चर्चा में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए गोकुल ने बताया कि मृतक किशनलाल जब उनके गांव आए तो उन्होंने मित्र से हाथ मिलाकर हाल-चाल पूछा तथा बैठने के लिए कहा। संक्रमण के बारे में हम दोनों ही अनजान थे, जिसकी वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई थी।

बता दें कि मित्र की मौत के बाद प्रशासन ने उन्हें 3 अप्रैल 2020 को सिंगोड़ी क्वॉरंटीन में रखा, जहां 20 से 22 दिन बाद तबीयद बिगड़ी तो 22 अप्रैल 2020 को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनकी पहली नेगेटिव 12 मई तथा दूसरी 14 मई को रिपोर्ट आई है।


सर्वधर्म सम्भव की प्रस्तुत की मिशाल


आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विभाग की स्टाफ नर्सों ने सर्वधर्म सम्भव की मिशाल प्रस्तुत की है। प्रतिदिन अपने-अपने धर्मों के आधार पर ईश वंदना और राष्ट्रीय गीत से सभी के स्वास्थ्य की कामना की जाती रही। इससे मरीजों का मनोबल भी बढ़ा है।

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