कोरोना टीका अब सभी को...पहले होगा पंजीयन, पढ़ें पूरी खबर

- मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सिविल हॉस्पिटल, 60 वर्ष और गंभीर रोगियों होंगे सुरक्षा कवच के दायरे में

By: Dinesh Sahu

Published: 28 Feb 2021, 01:47 PM IST

छिंदवाड़ा/ केंद्र एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार 1 मार्च 2021 से आम लोगों को कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी विधिवत शुरुआत सुबह 10.30 से करेंगे। इसके बाद पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होगी। बताया जाता है कि विभाग ने मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत सिविल हॉस्पिटल पांढुर्ना, चांदामेटा, अमरवाड़ा, सौंसर समेत आनंद और नाहार निजी हॉस्पिटल में ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था बनाई हैं।

- कोविड टीकाकरण 2.0 की होगी शुरुआत

इसके साथ ही कोविड-2.0 या आरोग्य सेतु ऐप पर स्लाट बुक कराए जा सकेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि कोविड टीकाकरण के लिए 60 वर्ष आयु के सभी लोग तथा 45 से 59 वर्ष आयु के गंभीर रोगियों को टीका लगाया जाएगा।

लोगों को चिकित्सक का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। डॉ. चौरसिया ने बताया कि सरकार द्वारा पंजीयन की सुविधा ऑनलाइन की गई है तथा जो व्यक्ति स्लाट बुक कराने में समक्ष नहीं हैं, वे सीधे टीकाकरण केंद्र पहुंचकर आधार कार्ड, फोटो आइडी, पैन कार्ड समेत अन्य परिचय पत्र प्रस्तुत कर पंजीयन करावा सकेंगे। बताया जाता है कि कोविड-19 का टीकाकरण मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाया जाएगा।


सप्ताह में चार दिन होगा वैक्सीनेशन -


कोरोना का टीका लोगों की सुविधा के लिए सप्ताह में चार दिवस सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक लगाया जाएगा। लेकिन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पंजीयन की संख्या के आधार पर प्रतिदिन टीका लगाने संख्या तय की जाएगी। डॉ. चौरसिया ने बताया कि 3 मार्च 2021 से हेल्थ वर्कर एवं फं्रटलाइन वर्कर का द्वितीय डोज भी साथ-साथ लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर जो टीकाकरण से छूट गए या पंजीयन नहीं हो पाया है, वह भी सुविधा का लाभ ले सकते है।


चिन्हित गंभीर बीमारियां -


हार्ट रोग, हृदय प्रत्यारोपण या पेसमेकर लगाया गया है, जन्मजात हृदय रोग के साथ गंभीर पल्मोनरी आर्टरी उच्च रक्तचाप, दिल की नसों की बीमारी, बायपास, दिल का दौरा, बीपी, शुगर, एंजाइना के साथ हाइपरटेंशन, सीटी-एमआरआइ परीक्षण में ब्रेन स्ट्रोक पीडि़त, किडनी, लीवर, स्टेमसेल प्रत्यारोपित या प्रतीक्षारत, डायलिसिस या किडनी रोगी, कॉर्टिको अस्टेरायड, लीवर सिरोसिस रोगी, श्वसन तंत्र रोगी, लिम्फोमा, ल्यूकीमिया, मायलोमा, कैंसर, सिकलसेल, बोन मेरो फेल्योर, एप्लास्टिक एनीमिया, थैलेसीमिया, एचआइवी संक्रमित, दिव्यांग व्यक्ति आदि शामिल हैं।

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