नदी में फेंकी मरी मुर्गियों से संक्रमण का खतरा

मटियाडोल नदी में करीब 300 मृत मुर्गियों को फेंकने की घटना से लोगों में रोष व्याप्त है। नदी का पानी सारोठ जलाशय में जाता है। पानी के साथ मृत मुर्गियां भी जलाशय में पहुंच गई। सारोठ जलाशय से कई गांवों को पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। मृत मुर्गियों की वजह से पानी के संक्रमित होने का खतरा है।

By: Rahul sharma

Published: 15 Sep 2021, 12:48 PM IST

छिन्दवाड़ा/ अम्बामाली . मटियाडोल नदी में करीब 300 मृत मुर्गियों को फेंकने की घटना से लोगों में रोष व्याप्त है। नदी का पानी सारोठ जलाशय में जाता है। पानी के साथ मृत मुर्गियां भी जलाशय में पहुंच गई। सारोठ जलाशय से कई गांवों को पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। मृत मुर्गियों की वजह से पानी के संक्रमित होने का खतरा है। इलाके में पहले ही मौसमी बीमारियों से कई लोग पीडि़त है। डेंगूृ मलेरिया का खतरा बरकरार है। कोरोना टला नहीं है। ऊपर से पानी के संक्र मित होने के डर से लोगों में चिन्ता व्याप्त है। मामले की शिकायत ग्राम पंचायत गुबरेल के सरपंच पति कमलेश विश्वकर्मा ने सावरी चौकी पुलिस में की है। इधर मोहगांव नगर के वार्ड 11 डब्बीपुरा -मुंगनापार मार्ग पर 4 दिन पहले बारिश के कारण सडक़ किनारे एक मकान की दीवार गिर गई। अब इसके आगे की दीवार गिरने का खतरा बना हुआ है। दीवार का मलबा गिरने से नाली जाम हो गई है और गंदा पानी सडक़ पर बह रहा है ।नगर परिषद के कर्मचारी सफई के लिए वार्ड में आते हैं परंतु नाली से मलबा नहीं निकाला जा रहा।

Rahul sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned