सभापति बदलने की मांग करते-करते नाराज भाजपा पार्षदों में पड़ी फूट

mantosh singh

Publish: Mar, 14 2018 11:45:43 AM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
सभापति बदलने की मांग करते-करते नाराज भाजपा पार्षदों में पड़ी फूट

असंतुष्ट १२ पार्षदों ने किया बैठक का बायकाट जबकि इन पार्षदों के नेता सभागार में थे मौजूद

छिंदवाड़ा . सोमवार को नगर निगम के सभागार में परिषद की बैठक हुई। इसमें बजट को पेश किए जाने के साथ चर्चा भी होनी थी। हालांकि बैठक में भाजपा के असंतुष्ट १२ पार्षद मौजूद नहीं थे। लेकिन जिसके नेतृत्व में सभी पार्षद गत आठ माह से सभापति बदलने की मांग पर डटे हुए थे उनकी मौजूदगी से कई सवाल खड़े हो गए। भाजपा के अन्य असंतुष्ट पार्षद आखिर कहां थे। वे खुद नहीं आए या उन्हें लाया ही नहीं गया। इस सवाल का जबाव तब मिला जब भाजपा के ही कुछ पार्षदों से बात की गई। उन्होंने साफ-साफ कहा कि जिसके सहारे हम पूरी लड़ाई लड़ रहे थे उसी ने छल लिया। अब असंतुष्ट पार्षदों में पड़ी फूट से शहर की राजनीति में अलग ही हलचल पैदा हो चुकी है। २२ नवम्बर २०१७ के नए घटनाक्रम के बाद १२ मार्च की तारीख ने नए अध्याय जोड़ दिए। पार्षदों ने बताया कि उनके नेता ने पहले उन्हें लिंगा के एक लॉन में बैठा दिया। चाय नाश्ता भिजवाकर खुद निगम पहुंचकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि वे खुद उन्हें लेने आएंगे। लेकिन दो ढाई घ्ंाटे इंतजार करने के बाद लॉन में बैठे पार्षदों को मुख्य गेट का ताला खुलवाकर बाहर निकलना पड़ा।

इन्होंने किया इनकार
इधर कुछ पार्षदों ने निजी कार्यक्रम में शामिल होने का हवाला देते हुए इस घटनाक्रम से बाहर होने के संकेत दिए दिए हैं। वहीं भाजपा पार्षद दल के नेता रामेश्वर ठाक रे ने भी इस बात से साफ इनकार किया है कि वे १२ पार्षदों को लिंगा के लॉन में लेकर गए थे। इस सम्बध्ंा में जब पार्षदों एवं महिला पार्षदों के मोबाइल नम्बर पर उनके पतियों से बात हुई तो उन्होंने कुछ इस तरह कहानी बयां की।

ओम चौरसिया (पार्षद संध्या चौरसिया के पति, वार्ड ४)
११ महिला पार्षदों सहित सभी पार्षदों को लिंगा लेकर गए थे। चाय नाश्ता का प्रबंध कर खुद निगम में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बात करके लौटने की बात की। मोबाइल स्विच ऑफ करके सभी को एक कमरे में रोक दिया गया था। सभी पार्षदों को वहीं बैठाए रखा जबकि वह खुद परिषद की बैठक में शामिल हो गए। दो घंटे बाद सभी पार्षद बाहर निकले ।

राजकुमार बघेल (पार्षद वार्ड क्रमांक २२ ):
हमारी पूरी चर्चा पार्षद दल के नेता रामेश्वर ठाक रे से हुई थी। उन्होंने कहा था कि वे हमें लेने आएंगे ।
ठाकरे ने कहा था कि चर्चा करके वापस आता हूं। हम इंतजार करते रहे पर वे नहीं आए। जैसे-तैसे सम्पर्क करके जब निगम के परिषद के होने की जानकारी हुई तो हम लोग बाहर निकलकर वापस चले गए।

मोरेश्वर हिवसे (रंजना हिवसे के पति, पार्षद वार्ड ३३ ):
लिंगा के लॉन में पार्षद रंजना हिवसे नहीं गई थीं, क्योंकि वे एक वैवाहिक कार्यक्रम में थीं। हां लिंगा के लॉन में अन्य नाराज पार्षद गए थे और उन्हीं ने बताया कि उनकी बात पार्षद दल के नेता से हुई है। हमारी नाराजगी थी, क्योंकि हमसे न तो बैठक की तारीख के लिए बात की गई और न ही प्रस्ताव के लिए ही पूछा गया।

-मुझ पर गलत आरोप
सभापति से लेकर भोपाल भाजपा संगठन तक उनकी बातों को पहुंचाया हूं। संगठन ने सभापति बदलने की बात नहीं स्वीकारी, तो वे खुद ही लिंगा लॉन पहुंचे। हमने उन्हें वहां पहुंचने के लिए नहीं कहा। उनका ही व्यक्तिगत निर्णय है। वे मुझ पर गलत आरोप लगा रहे हैं।
रामेश्वर ठाक रे, भाजपा पार्षद दल के नेता

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