सरकार में होगी प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी, गठन की मांग

Rajendra Sharma

Publish: Feb, 15 2018 11:49:43 AM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
सरकार में होगी प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी, गठन की मांग

प्रदेश में विधान परिषद के गठन की उठी मांग

- मप्र वन बिरादरी महासंघ ने कहा- प्रबुद्ध जनता की भागीदारी कराने प्रदेश में होगा आंदोलन
छिंदवाड़ा. उप्र, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश आदि राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी विधान परिषद के गठन की मांग उठ रही है। मध्यप्रदेश वन बिरादरी महासंघ ने इसकी मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी भी सरकार में होनी चाहिए, ताकि प्रदेश के विकास में यहां रह रहे प्रबुद्ध और बुद्धिजीवियों का भी योगदान
हो सके।
महासंघ के सदस्य वृक्ष मित्र रविंद्र सिंह समेत अधिवक्ता सुरेश देशमुख, केके तिवारी, केके डेहरिया, वीएस कुसरे, बीएच गोस्वामी ने कहा कि जिन राज्यों में भारतीय संघ ने विधान परिषद का गठन किया है वहां बुद्धिजीवी एवं शिक्षित पंचायती राज के निर्वाचित प्रतिनिधि, स्नातक प्रतिनिधि और अन्य क्षेत्रों के लोगों के माध्यम से सरकार चलानेे का अवसर मिल रहा है। इन विधान परिषदों में विधानसभा की निर्वाचित विधायकों की संख्या के एक तिहाई सदस्यों के बराबर सदस्य निर्वाचित होकर आते हैं। प्रदेश की 230 सदस्यों वाली विधानसभा से एक तिहाई सदस्य जिनकी संख्या 77 होती है भी विधानसभा परिषद के माध्यम से सदन में निर्वाचित होकर प्रदेश के विकास में भागीदारी ले सकते हैं। सदस्यों का कहना हे कि गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड जैसे बड़े राज्यों में विधान परिषद का गठन न होना बुद्धिजीवी जनता को शासन के कामकाज एवं भागीदारी से वंचित रखने का कुत्सित प्रयास है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आरक्षित लोकसभा एवं विधानसभा एवं अन्य सामान्य क्षेत्रों में भी पूंजीपतियों एवं पुराने राजनेता, राज्य परिवार के सदस्यों ने विधानसभा में अपना आरक्षण कर रखा है। आम नागरिक कभी भी इतनी लंबी चुनाव प्रक्रिया एवं उसमें होने वाले चुनावी खर्च से विधानसभा में पहुंचना असंभव है।
रविंद्र सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में भी विधानसभा परिषद का गठन का क्रांतिकारी कदम मध्यप्रदेश की यशस्वी सरकार से उठाने के लिए प्रदेशअध्यक्ष सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक आजाद सिंह डवास के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा।

दो ग्राम राजस्व ग्राम घोषित

छिंदवाड़ा. कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव मप्र शासन द्वारा मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए जुन्नारदेव तहसील के ग्राम खमराकला के पटवारी हल्का नंबर 46 से 343.544 हैक्टेयर क्षेत्रफल पृथक कर ग्राम ढाला पठार और ग्राम केवलारी के पटवारी हल्का नंबर 25 से 296.842 हैक्टेयर क्षेत्रफल पृथक कर ग्राम बिछुआ को राजस्व ग्राम घोषित किया गया है।

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