डीइओ ने प्राचार्यों को धमकाया...कही ऐसी बात की हो गया दंगल, जानें वजह

समीक्षा बैठक बन गया शिक्षा अधिकारियों का दंगल मैदान, हुई तू-तू मैं-मैं

By: Dinesh Sahu

Published: 28 Nov 2020, 02:59 PM IST

छिंदवाड़ा/ शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक एकाएक दंगल का मैदान बन गया। इसकी वजह विभागीय अधिकारियों के बीच जमकर बहस बाजी होना है, जिसके चलते परिसर में काफी तनाव बन गया था। बताया जाता है कि स्थिति हाथापाई तक पहुंचने वाली थी, पर मौजूद लोगों ने माहौल का शांत किया।

दरअसल राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हमारा घर हमारा विद्यालय, रिवीजन टेस्ट, सीएम राइज के तहत स्कूलों का चयन, छात्रवृत्ति, मेपिंग आदि बिंदुओं को लेकर शुक्रवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय छिंदवाड़ा में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चौरगड़े की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में शासकीय कन्या उमावि कैलाश नगर की प्राचार्य मनीषा मिश्रा से डीइओ विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर सवाल किए तथा जवाब में प्राचार्य ने अपनी बात रखनी चाही, पर अधिकारी उनके तर्क से संतुष्ट नहीं हुए। इस बात से विवाद उत्पन्न हो गया।

इसी तरह सारना संकुल अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल नेर के प्राचार्य केके घोघरे से विवाद हो गया। मामले में डीइओ ने नेर प्राचार्य घोघरे से सवाल किए कि उनके द्वारा विगत दिवस नेर स्कूल का औचक निरीक्षण किया गया, तब स्कूल समय में ताला लटका मिला। लेकिन प्राचार्य ने बैठक में डीइओ के निरीक्षण नहीं किया जाना बताया, जिस बात पर विवाद उत्पन्न हो गया।


जारी होगा नोटिस -


जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय छिंदवाड़ा से मिली जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक में अनुचित व्यवहार करने वाले तथा अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों समेत अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


कार्य नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी -


विभागीय कार्यों में प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदारों को बोला गया था। लेकिन उनके द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया, जिसके उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।


- अरविंद चौरगड़े, जिला शिक्षा अधिकारी

माफी मांगी है -


हमारे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी है, लेकिन गुस्से में गलती हो गई थी। इसके लिए साहब के घर जाकर माफी मांगी है।


- केके घोघरे, प्राचार्य नेर

नहीं चाहते हुए भी कभी-कभी हो जाता है -


बैठक में सबके सामने मुझे बोला जा रहा था, जबकि मेरा संकुल काफी बड़ा होने से प्रगति में कमी होती है। लेकिन बार-बार मुझे बोलने पर गुस्सा आ गया था।


- मनीषा मिश्रा, प्राचार्य कन्या उमावि कैलाश नगर छिंदवाड़ा

Show More
Dinesh Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned