प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को खोजने में नाकाम विभाग, जानें वजह

- बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के हैं निर्देश, जिला शिक्षा केंद्र का है मामला

By: Dinesh Sahu

Published: 09 Jan 2021, 09:55 AM IST

छिंदवाड़ा/ कोरोना महामारी के लॉकडाउन समय में विभिन्न क्षेत्रों से छिंदवाड़ा पहुंचे प्रवासी श्रमिकों के 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की जानकारी जुटा पाने नाकाम साबित हुआ है। इस वजह से प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा भी नहीं जा सका है।

जानकारी के अनुसार एनआइसी के माध्यम से श्रमिक पोर्टल तैयार किया गया था, जिसमें सत्र 2020-21 में कोरोना की वजह से अपने परिवार के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों और ग्रामों से लौटे श्रमिकों एवं उनके बच्चों का पंजीयन किया गया है। इसके आधार पर शासन ने छिंदवाड़ा में 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग के करीब 595 बच्चों को चिन्हित किया है, जिन्हें खोजने एवं शिक्षा से जोडऩे के निर्देश दिए गए थे। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को ऑनलाइन क्लास, डिजिलेप अथवा अन्य माध्यम का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।

बता दें कि राज्य शिक्षा केंद्र आयुक्त लोकेश कुमार जाटव द्वारा कई बार वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश भी दिए गए तथा गूगल सीट की मदद से श्रमिकों के परिवार के साथ वापस आए स्कूल जाने योग्य बच्चों के सत्यापन एवं उन्हें शाला में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिक परिवार एवं उनके बच्चों समेत बेघर, अनाथ बच्चों के सम्बंध में लगातार समीक्षा की जाती है।


15 जनवरी 2021 तक भेजनी है जानकारी -


शाला में प्रवेश से वंचित छात्रों के लिए सीधे स्कूूल में प्रवेश, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बालिका विद्यालय, बालक छात्रावास, आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र तथा ब्रिजकोर्स के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए कार्य योजना तैयार के निर्देश दिए गए है। साथ ही उक्त संदर्भ में 15 जनवरी 2021 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग, सामाजिक संस्थाएं, चाइल्ड लाइन आदि की मदद भी लेने की भी बात कही गई है।


- एपीसी को दिए गए हैं निर्देश -


प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के संदर्भ में किए गए प्रयास और डाटा उपलब्ध कराने के लिए सम्बंधित एपीसी को निर्देश दिए गए है। हालांकि कोरोना की वजह से स्कूलों का संचालन बंद है और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है।
- जीएल साहू, डीपीसी जिला शिक्षा केंद्र छिंदवाड़ा

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