बसों के पहिए रुकने से बाजार वीरान

बस ऑपरेटरों की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इसका अच्छा खासा असर बाजारों में दिखाई दिया।

By: Prem Dehariya

Published: 24 May 2018, 05:01 PM IST

अमरवाड़ा. बस ऑपरेटरों की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इसका अच्छा खासा असर बाजारों में दिखाई दिया। विगत 3 दिनों से किराए बढ़ाए जाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अब आम नागरिक परेशान होने लगा है। लोगों के कार्य रुके हुए हैं बुधवार को अमरवाड़ा का बाजार भरता है जिसमें आसपास के ग्रामीण आते हैं लेकिन बस नहीं चलने के कारण बाजारों में वीरानी छाई रही। व्यापारी बाजार में गर्मी उमस से व्यापारी भी ग्राहकों का इंतजार करते रहे । वहीं कुछ टैक्सी चालकों ने छिंदवाड़ा तक का किराया सौ रुपए वसूल किया। कुछ छात्र-छात्राओं को भी पेपर देने छिंदवाड़ा जाना था लेकिन साधन नहीं मिलने पर वे मजबूरी में अधिक किराया देकर टैक्सी आदि से गए। अगर जल्द ही बस बस ऑपरेटरों की हड़ताल का कोई निराकरण नहीं निकाला तो और परेशानियां बढ़ जाएंगी। बस नहीं चलने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य जाने के लिए निर्धारित किराया से अधिक देना पड़ा है। टैक्सी चालकों ने मनमाने तरीके से किराया वसूल किया।
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तेंदुपत्ता तुड़ाई से होगी आमदनी
पालाखेड़/अम्बामाली. मोहखेड़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अम्बामाली के शंकरपुरबीट में चलो चलें तेंदुपत्ता तोडऩे वर्ष 2018 के तहत तेंदुपत्ता संग्रहण करने ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगलों में पहुंच रहे है। तेंदुपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर इस सीजन में 200 रुपए प्रति सैकड़ा है जिससे गरीब ग्रामीणों को एक बड़ी आमदनी होगी।
गौरतलब हो कि विकासखंड के किसानों सहित ग्रामीण इन दिनों तेंदुपत्ता को अपनी आय का जरिया बना रहे है। प्रदेश शासन द्वारा तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहित भी किया गया है जिसमें 50 पत्तों की गड्डी बनाकर ग्रामीण अपनी अजीविका को बेतहर ढंग से चला पाएंगे। इस वर्ष तेंदुपत्ता का संग्रहण करने में शंकरपुर अम्बामाली, पठरा खोकर, कलकोट के सैकड़ों ग्रामवासी जुटे है जो प्रतिवर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। वन परिक्षेत्र अधिकारी हीरालाल सनोडिया एवं वन सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अजय मिश्रा और शंकरपुर कार्यालय के बीट प्रभारी बसंत मालवीय ने बताया कि इस वर्ष तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए बड़ी संख्या में ग्रामवासी जंगलों की ओर रूख किए हुए है। इस वर्ष समर्थन मूल्य अच्छा होने के कारण इसकी ओर ग्रामीणों का रुझान बढ़ रहा है। तेंदू पत्ता संग्रहण केन्द्र में वन विभाग के अधिकारी बसंत मालवी प्रेमलाल बनके तेंदू पत्ता की देख रेख कर रहे है।

 

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