Rural tourism: ग्रामीण पर्यटन के नक्शे पर उभरेगा देवगढ़, कैसे पढ़ें यह खबर

ग्रामीण पर्यटन के लिए देवगढ़ में अपार संभावनाएं मिली हैं, जिन पर जल्द ही काम शुरू होने वाला हैं।

By: babanrao pathe

Updated: 13 Nov 2020, 10:21 AM IST

छिंदवाड़ा. ग्रामीण पर्यटन के लिए देवगढ़ में अपार संभावनाएं मिली हैं, जिन पर जल्द ही काम शुरू होने वाला हैं। बुधवार को प्रशासनिक अमले के साथ सेंटर ऑफ साइंस फॉर विलेजेस वर्धा महाराष्ट्र की टीम ने देवगढ़ का निरीक्षण किया। किला, बावडिय़ों, तालाब, घर और स्थानीय खान-पान से लेकर कृषि उत्पादों के बारे में जाना है। पंचायत भवन में स्थानीय लोगों से करीब एक घण्टे की चर्चा में रहन सहन, तीज त्योहार और दिनचर्या के बारे में पूछा।

सेंटर ऑफ साइंटस फॉर विलेजेस वर्धा महाराष्ट्र के चेयरमेन एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर डॉ. सोहम पंड्या और उनकी टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सबसे देवगढ़ में मौजूद 16वीं शताब्दी की बावडिय़ों को देखा। जीर्णोद्धार के पहले बावडिय़ां किस स्थिति में थी इसके बारे में स्थानीय लोगों से पूछा। लोगों ने उन्हें बताया कि पहले बावडिय़ां गाद में दबी होने के साथ ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी जिसके कारण उन्हें पानी बहुत कम मिल पाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह सुधर चुकी है। प्रत्येक बावड़ी बनवाट और उसके इतिहास पर चर्चा की। नवीन स्वीकृत 61 प्रधानमंत्री आवास के हितग्रहियों से चर्चा के दौरान डॉ. पंड्या ने कहा कि उन्हें कच्ची मिट्टी के पक्के घर बनाकर दिए जाएंगे जिसका प्रयोग वे लोग होमस्टे के रूप में करेंगे। घर उनके रहने के साथ ही व्यवसाय का मुख्य जरिया भी बनेगा। अधिकांश हितग्राहियों से पूछा कि क्या वे लोग इसके लिए पूरी तरह से तैयार है तो जवाब हां में मिला। स्वच्छता परिसर एवं गांव का नक्शा देखने के बाद टीम ने देवगढ़ किले पर पहुंची। मोती टांका से लेकर अन्य स्थानों को देखने के बाद टीम पंचायत भवन में पहुंची, यहां युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं से बातचीत की। ऐसे कृषि उत्पाद के बारे में पूछा तो सामान्य तौर पर बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होते तो लोगों ने कहा मटारू, अम्बाड़ी सहित अन्य खाद्य पदार्थ का उत्पादन होता है। इन उत्पादों से कमाई का जरिया बताया गया।

वर्धा जाएगा एक दल
ग्रामीण पर्यटन को किस तरह बढ़ाया जाता है। स्थानीय लोगों की उसमें कितनी और क्या भूमिका रहती है इसके बारे में जिला पंचायत सीइओ गजेन्द्र सिंह नागेश ने लोगों को बताया। उन्होंने कहा जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों को जल्द ही वर्धा भेजा जाएगा, जहां से वे लोग ग्रामीण पर्यटन की बारीकी को देख और समझकर लौटेंगे। उन्होंने कहा सभी लोगों के सहयोग से देवगढ़ को ग्रामीण पर्यटन के पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा। निरीक्षण दल में सीइओ नागेश, जिला परियोजना अधिकारी सुधीर कृषक कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यंत्रिकी सेवा डी.के. मुडिय़ा, विश्वकर्मा, भावेश अग्रवाल, सहायक यंत्री शिव सिंह बघेल सहित ग्राम सरपंच केशव घाघरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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