Disaster: 742 मकान धराशायी, एक हजार से ज्यादा मवेशियों की मौत

कलेक्टर ने दी जानकारी: तीन माह में बनेंगे मकान, रहने-खाने की पूर्ति करेगा प्रशासन

By: prabha shankar

Updated: 02 Sep 2020, 05:40 PM IST

छिंदवाड़ा. पेंच नदी में आई बाढ़ से चौरई क्षेत्र के 742 मकान पूर्णत: धराशायी हो गए और एक हजार से ज्यादा पशु पानी में बह गए। इससे करीब पांच हजार लोग बेघर हो गए हैं। इसके अलावा पुल-पुलिया समेत अन्य संपत्तियों को अलग नुकसान पहुंचा है।
यह जानकारी कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन तीन माह में दूसरे स्थानों पर प्रभावित के मकानों बनाएगा। इससे पहले उनके तीन माह तक रहने,खाने, कपड़े समेत अन्य रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति करेगा। कलेक्टर ने 27 अगस्त को पूरे जिले में 250 मिमी बारिश से हुई तबाही में सर्वाधिक नुकसान चौरई के ग्राम कौआखेड़ा, बेलगांव, नोनीबर्रा, खैरघाट, रामपुरी टोला, चांद और बांसखेड़ा समेत अन्य में बताया। बाढ़ में मकान ढह जाने पर प्रशासन की पहली प्राथमिकता मकान का निर्माण है। इसके साथ ही मक्का और सोयाबीन फसल में हुई क्षति के सर्वेक्षण के आदेश दे दिए गए हैं। दो-तीन दिन में प्रारंभिक तस्वीर सामने आ जाएगी। इस बाढ़ से पूरे जिले में चांदामेटा में तीन, छिंदवाड़ा में एक और चौरई में एक महिला की जान गई है, जिन्हें प्रशासन द्वारा मुआवजा दे दिया गया है।
पुराना इंटकवेल को शुरू करेंगे : चौरई नगर को पेयजल आपूर्ति करनेवाले इंटकवेल के ढह जाने पर इस समय टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि झिलमिली के पास पुराने इंटकवेल को प्रशासन शुरू कराने के प्रयास में है। इसी तरह हलाल-सांख-साजपानी समेत पुल-पुलिया और रोड क्षतिग्रस्त हुई है।
कोरोना मरीजों के भोजन पर प्रतिदिन सौ रुपए खर्च : कलेक्टर ने एक कोरोना मरीज पर डेढ़ लाख रुपए खर्च किए जाने की जानकारी के सवाल पर कहा कि कोरोना मरीज के प्रतिदिन भोजन पर 100 सौ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। शेष दवाइयां, मेडिकल सुविधा और डॉक्टरी खर्च को मिलाकर यह बजट हो सकता है।

कलेक्टर-एसपी ने किया विसर्जन स्थलों का निरीक्षण
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन और पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल द्वारा मंगलवार को जिला मुख्यालय पर गणेश विसर्जन स्थल छोटा तालाब और कुलबहरा नदी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विसर्जन स्थलों पर किसी भी व्यक्ति द्वारा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया गया है । पुलिस, होमगार्ड, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी विसर्जन स्थलों पर मुस्तैदी से तैनात हैं तथा कोई भी व्यक्ति विसर्जन स्थलों पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं कर रहा है ।

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