एक मंडी ऐसी भी जहां तीन दिनों बाद किसान खड़े हैं कतार में

40 हजार क्विंटल आवक के आगे बेदम कृषि उपज मण्डी, किसान मक्का की बिक्री के लिए कर रहे दो-दो दिन इंतजार

By: prabha shankar

Published: 09 Dec 2017, 09:45 AM IST

छिंदवाड़ा . मक्का की लगातार 40 हजार क्विंटल आवक से कृषि उपज मण्डी की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। किसानों के हंगामे के दूसरे दिन शुक्रवार को भी अस्त-व्यस्त माहौल रहा। दूरदराज गांवों से आए किसान मक्का सडक़ पर डाले बिक्री का इंतजार करते नजर आए तो वहीं भावांतर पर्ची में भी लेटलतीफी बनी रही। मण्डी शेड पर व्यापारियों का माल भरा रहा। किसानों का आरोप था कि मुख्यमंत्री के वायदे के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं और न ही मण्डी की व्यवस्थाओं को सुधारने में कोई रुचि ली है। मण्डी में भगवान भरोसे खरीदी-बिक्री हो रही है।

पिछले सप्ताह राज्य शासन द्वारा मक्का के भावांतर का मूल्य 315 रुपए घोषित करने के बाद किसान प्रतिदिन ट्रैक्टरों में मक्का बेचने के लिए मण्डी पहुंच रहे हैं। इससे सडक़ के बाहर ट्रैक्टर और ट्रक नजर आ रहे हैं वहीं मण्डी परिसर में जगह-जगह मक्का के ढेर लगे हुए हैं। किसानों की लगातार बढ़ती उपस्थिति से मण्डी के पानी, भावांतर पर्ची और मण्डी गेट एंट्री बिगड़ती जा रही है। बिछुआ से आए किसान इमरत मर्सकोले ने बताया कि वो दो दिन से मण्डी में मक्का लेकर आया है। उसका मक्का नहीं बिक पाया। इसके चलते अनाज की रखवाली करने के लिए रतजगा करना पड़ रहा है। उसके मुताबिक उसके जैसे दूसरे किसान भी है। जिनके मन में भावांतर योजना की तिथि निकलने की घबराहट है। इसके चलते किसान लगातार मण्डी आ रहे हैं। उन्हें जल्द से जल्द मक्का बेचने की पड़ी है।

इधर मण्डी सचिव राजेश द्विवेदी का कहना है कि इस समय मण्डी में 40 हजार क्विंटल की आवक हो गई है। इससे मण्डी कर्मचारियों को रात्रि के समय नीलामी करानी पड़ रही है। किसानों को धीरज रखना चाहिए। पंजीयत किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिलेगा।
उनके मुताबिक नवम्बर में घोषित भावांतर मूल्य ३१५ रुपए प्रति क्विंटल मूल्य की राशि 15 से 20 दिसम्बर के मध्य खातों में डाली जाएगी।

prabha shankar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned