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बिना डॉक्टर के कैसे होगा इलाज

बेहतर इलाज के लिए नागपुर पर निर्भरता नहीं हुई खत्म

छिंदवाड़ा

Published: April 26, 2022 07:15:39 pm

मंतोष कुमार सिंह
छिंदवाड़ा. छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) की सौगात और जिला अस्पताल के कायाकल्प के बाद भी गरीबों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट के मरीज नागपुर की दौड़ लगा रहे हैं। तीनों जिले के सरकारी अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टर और मेडिकल ऑफिसर की कमी से जूझ रहे हैं। छिंदवाड़ा में 266, सिवनी में 179 और बालाघाट में 186 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में छिंदवाड़ा में 132, सिवनी में 71 और बालाघाट 77 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। स्वीकृत पद की तुलना में पदस्थापना काफी कम की गई है। पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी बनी हुई है। सुविधाएं होने के बावजूद गंभीर रोगों के इलाज के लिए मरीजों को महाराष्ट्र राज्य के नागपुर जाना पड़ रहा है। नागपुर में इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।

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एक बार का खर्चा 10 हजार
स्वास्थ्य सेवा की बदहाल स्थिति का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मजबूरी में मरीजों को नागपुर जाना पड़ रहा है। नागपुर जाने-आने, डॉक्टर की फीस और सामान्य जांच के लिए करीब 10 हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं जिला में डॉक्टर की उपलब्धता होने पर मरीज का निशुल्क इलाज हो जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। पदस्थापना के बाद भी यहां डॉक्टर नहीं जाते हैं। यही वजह है कि छिंदवाड़ा के 39, सिवनी के 15 और बालाघाट के 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर विहीन हैं। मरीजों को इलाज के लिए विकासखंड या जिला अस्पताल आना पड़ता है। कई मरीज तो झोलाछाप के चक्कर में फंस जाते हैं और सही उपचार न मिलने से जान पर बन आती है।

बिना डॉक्टर के कैसे होगा इलाजसम्पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था हो
जिले में सम्पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था होनी चाहिए। केवल मेडिकल कॉलेज खोलने से इलाज संभव नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को शीघ्र भरा जाए। आम लोगों को पूरा इलाज मिले, इसकी मॉनिटरिंग की जाए।
- डॉ. कृष्णा हरजानी, समाजसेवी
मांग पत्र भेजा है
जिले में रिक्त डॉक्टरों के पद की पूर्ति के लिए जिले से मांग पत्र भोपाल पहुंचाया गया है। यह नियुक्ति भोपाल पर निर्भर है। फिलहाल स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं।
- डॉ. जीसी चौरसिया, सीएमएचओ, छिंदवाड़ा

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