Easy of Living: इस पैरामीटर से सरकार जांचेगी आपका जीवन स्तर..पढि़ए

केन्द्र सरकार के सर्वेक्षण में हर ग्रामीण से सवाल करेंगे कर्मचारी

 

By: manohar soni

Published: 07 Mar 2020, 11:44 AM IST

छिंदवाड़ा/रसोई गैस,पेंशन,मकान समेत अन्य योजनाओं से आपका जीवन स्तर बदला या नहीं? इस सवाल का सामना हर ग्रामीण को करना होगा। केन्द्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे इजी ऑफ लिविंग सर्वेक्षण जिले के हर गांव में करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस सर्वेक्षण से सरकार ग्रामीणों के जीवन में हो रहे बदलाव का अध्ययन करेगी और नई नीतियों का निर्माण करेगी।
जिले के 11 विकासखण्डों में 806 पंचायतों में करीब 16 लाख लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा उज्जवला गैस कनेक्शन,प्रधानमंत्री आवास,जनधन बीमा,मनरेगा रोजगार,राशन कार्ड,पेयजल,शौचालय समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई है। इसका उपयोग कर ग्रामीण जन पहले से बेहतर रह रहे हैं या नहीं,यह सरकार की चिंता का विषय है। यहीं इजी ऑफ लिविंग अभियान का मुख्य मकसद है। जिला पंचायत के अधिकारी बताते हैं कि इस सर्वेक्षण के लिए ग्राम पंचायत स्तर के ग्राम सहायकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इस सर्वेक्षण में हर ग्रामीण से 17 सवाल पूछे जाएंगे। मोबाइल एप के माध्यम से इन सवालों के जवाब फीड किए जाएंगे। इससे तुरंत जिले का डाटा तैयार होगा। उसमें यह मिलेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ किस हद तक पहुंचा। आगे ग्रामीण आबादी के लिए और क्या किया जा सकता है।
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कर्मचारी हर बिन्दुओं का लिखेंगे जवाब
इस सर्वेक्षण में ग्राम सहायक,स्वेच्छाग्राही एनआरएलएम कर्मचारियों को लगाया गया है। वे अपने मोबाइल पर एप डाउनलोड करेंगे। फिर इस एप के माध्यम से 17 बिन्दुओं के सवाल के जवाब ग्रामीणों से पूछकर उसे अपलोड करेंगे। यदि किसी के पास गैस कनेक्शन है तो उसका नंबर और उसके बारे में जानकारी भी लिखना होगा। सामान्यत: एक कर्मचारी को 200 परिवारों का जिम्मा दिया गया है।
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इनका कहना है..
केन्द्र सरकार के इजी ऑफ लिविंग में ग्रामीणों के जीवन में आए बदलाव का डाटा संग्रहित किया जाएगा। इससे सरकारी नीतियों के तैयार होने में मदद मिलेगी।
-गजेन्द्र सिंह नागेश,सीइओ जिला पंचायत।
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Patrika
manohar soni Reporting
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