Education: शिक्षकों के रिटायरमेंट के बाद ये हाल हैं आदिवासी बच्चों के..जानिए

जनजातीय विभाग में वर्ष 2012 से भर्ती बंद, रिक्त पड़े शिक्षकों के 22सौ से ज्यादा पद

By: manohar soni

Published: 22 Jul 2021, 10:58 AM IST

छिंदवाड़ा.आदिवासी विकासखण्डों के स्कूलों में लगातार रिटायरमेंट से शिक्षकों के पद खाली होते जा रहे हैं लेकिन रिक्त पदों की तुलना में भर्ती वर्ष 2012 से नहीं हो पा रही है। नए शैक्षणिक सत्र में नवमीं से बारहवीं कक्षा के शुरू होने की तिथि घोषित हो गई है और भविष्य में प्राथमिक-माध्यमिक स्कूल भी खुलेंगे तो अध्यापन के लिए शिक्षकों की समस्या बनेगी।
जनजातीय कार्य विभाग की जानकारी के अनुसार हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी स्कूल प्राचार्य से लेकर माध्यमिक शाला प्रधानपाठक और शिक्षकों के कुल 5924 पद स्वीकृत है। इनमें से 2249 शिक्षकों के पद रिक्त है। अपवाद स्वरूप प्राथमिक शिक्षकों के 1444 पदों के विरूद्ध 1541 कार्यरत होने से 127 अतिरिक्त पोस्टिंग है। हर साल 50 से सौ शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। इससे अधिकांश विद्यालय धीरे-धीरे खाली होते जा रहे हैं। हालत यह है कि जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई और बिछुआ विकासखण्ड के स्कूलों के बच्चों को विषय शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनका भविष्य दांव पर है। बताते हैं कि यह समस्या केवल छिंदवाड़ा जिले की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। सरकार शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है। इससे रिक्त पदों की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
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88 शालाएं शिक्षक विहीन,प्रभारियों के भरोसे
दो साल पहले 2019 के थोकबंद ट्रांसफर में 88 शालाएं शिक्षक विहीन हो गई थी। उनके स्थान पर शिक्षकों की दोबारा नियुक्ति नहीं की जा सकी। ये शालाएं आसपास के शिक्षकों के भरोसे है। दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते इन शालाओं का ताला खुल नहीं पाया है। इसी तरह एक शिक्षकीय शालाएं 170 रह गई है। इन शालाओं के बच्चों का भविष्य क्या होता होगा,इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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जनप्रतिनिधि ध्यान देते और ना ही बड़े अफसर
आदिवासी इलाकों के बच्चों की शिक्षा पर न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और ना ही बड़े अफसरों का। दो साल पहले 2019 में निजी स्वार्थ के चलते शिक्षकों के थोकबंद ट्रांसफर कर दिए गए। उनमें ये भी ध्यान नहीं रखा गया कि जहां शिक्षक नहीं,उन स्कूलों के बच्चों के भविष्य दांव पर है। इस बार भी जुलाई अंत में होनेवाले ट्रांसफर में यहीं अंदाजा लगाया जा रहा है।
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इनका कहना है...
जनजातीय कार्य विभाग के अधीन स्कूलों में लगातार रिटायरमेंट से 22 सौ से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। वर्ष 2012 से भर्ती बंद होने से यह स्थिति बन रही है।
-एनएस बरकड़े, सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग।


शिक्षकों के स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त/अतिरिक्त पद
क्र. पदनाम स्वीकृत कार्यरत रिक्त/अतिरिक्त
1. प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर 5 1 4
2 प्राचार्य उच्चतर माशा 51 17 34
3. प्राचार्य हाईस्कूल 56 18 38
4 प्रधान पाठक माशा 171 80 91
5. संगीत शिक्षक 5 1 4
6. तबला शिक्षक 1 1 0
7. व्याख्याता 154 35 119
8. उच्चश्रेणी शिक्षक 756 389 367
9. सहायक शिक्षक 1182 514 668
10. उच्च माध्यमिक शिक्षक 470 139 331
11. माध्यमिक शिक्षक 1403 728 675
12. प्राथमिक शिक्षक 1444 1571 127 अतिरिक्त
13. प्रयोग शाला सहायक 47 17 30
14. संविदा वर्ग -03 प्र.शा.सहा 133 24 109
15. खेल कूद शिक्षक नियमित 31 1 30
16. खेल कूद शिक्षक संविदा- 02 10 8 2
17. खेल कूद शिक्षक संविदा-03 5 4 1
कुल 5924 3548 2249 रिक्त

manohar soni Reporting
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