Education: यहां तैयार हुआ एनसीसी पाठ्यक्रम, अप्रूव हुआ तो प्रदेश में होगा लागू

पाठ्यक्रम छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय कुलपति को सौंप दिया है।

By: ashish mishra

Published: 29 Jul 2021, 12:27 PM IST


छिंदवाड़ा. यूजीसी द्वारा जारी किए गए सर्कुलर पर कार्य करते हुए पीजी कॉलेज एवं 24वीं एमपी एनसीसी बटालियन ने स्नातक में वैकल्पिक विषय के रूप में एनसीसी को शामिल कराने के लिए तीन साल का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। यह छिंदवाड़ा के लिए बड़ी उपलब्धि है। कॉलेज एवं एनसीसी अधिकारियों ने पाठ्यक्रम छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय कुलपति को सौंप दिया है। कुलपति संतुष्ट हुए तो पाठ्यक्रम को स्टैंडिंग कमेटी भोपाल को भेजेंगे। इसके बाद यह पाठ्यक्रम राज्यपाल की अध्यक्षता में होने वाली समन्वय समिति की बैठक में रखा जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार समन्वय समिति में पाठ्यक्रम अप्रूव होते ही अधिनियम बन जाएगा। जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है। बता दें कि नई शिक्षा नीति की मंशानुरूप देश के समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एनसीसी को एक वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाना है। इस कार्य को युद्ध स्तर पर पूर्ण कर 24वीं बटालियन के कमान अधिकारी, जेसीओ एवं पीजी कॉलेज एनसीसी अधिकारी ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एमके श्रीवास्तव से भेंट कर आवश्यक दस्तावेज सौंपा। कुलपति ने जल्द ही इस महती कार्य की आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

प्राचार्य को भी सौंपे दस्तावेज
इसी क्रम में 24वीं एमपी बटालियन एनसीसी के जेसीओ ने पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमिताभ पाण्डेय को भी एनसीसी को वैकल्पिक विषय के तौर पर सत्र 2021-22 से लागू करने के आशय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज सौपे। पीजी कॉलेज एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रम्हने ने बताया कि स्वशासी प्रकोष्ठ अगस्त के प्रथम सप्ताह में अकादमिक परिषद एवं अध्ययन मंडल की बैठक में उक्त प्रस्ताव को पारित कर विश्वविद्यालय एवं शासन को प्रेषित कर देगा।

स्वशासी पीजी कॉलेज कर सकता है लागू
स्वशासी पीजी कॉलेज के पास पाठ्यक्रम को लेकर कुछ विशेषाधिकार भी दिए गए हैं। कुछ औपचारिकता पूरी करने के बाद कॉलेज इस अपने यहां लागू कर सकता है। जानकारों की मानें तो पीजी कॉलेज एनसीसी के तैयार किए गए पाठ्यक्रम को कॉलेज की अकादमिक परिषद् एवं अध्ययन मंडल के सामने रख देगा। समिति के अप्रूव करने के बाद इसे पीजी कॉलेज में इसी सत्र से लागू किया जा सकता है।

निर्धारित सीट पर ही चयन का मिलेगा मौका
स्नातक प्रथम वर्ष में एनसीसी को वैकल्पिक रूप में चयन करने के लिए उन विद्यार्थियों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने 12वीं या उससे पहले एनसीसी ले रखी थी। कॉलेज में निर्धारित सीट पर ही प्रवेश दिया जाएगा।

इनका कहना है...
एनसीसी का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम छह सेमेस्टर में पूर्ण किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को विशिष्ट एवं सामान्य विषय पढ़ाने के साथ प्रेक्टिकल एवं शिविर भी लगाए जाएंगे। नई शिक्षा नीति के अनुसार इसमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं डिग्री प्रदान की जाएगी।
लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रम्हने, एनसीसी अधिकारी, पीजी कॉलेज

ashish mishra Desk
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