खदान के अंदर जाने से कतरा रहे कर्मचारी

खदान के अंदर जाने से कतरा रहे कर्मचारी

Sunil Lakhera | Publish: Apr, 17 2019 04:52:39 PM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

उत्पादन कार्य प्रभावित

गुढ़ी अम्बाड़ा. उपक्षेत्र अंबाड़ा के अंतर्गत आने वाली मुआरी ओपन कास्ट फेस 3 के बंद होने से लगभग 80 वेकोलि कर्मचारियों को भूमिगत मुआरी खदान में शिफ्ट किया गया ताकि मेन पावर की बढ़ोतरी हो सके और कोयले का उत्पादन भी बढ़ाया जा सके। इसके लिए वेकोलि प्रबंधन एवं श्रमिक संगठन की उपक्षेत्रीय कार्यालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। लेकिन कुछ कर्मचारी आदेश होने के बावजूद भी खदान में अंदर जाने से कतरा रहे हैं एवं सिक अवकाश का सहारा लेकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इसके अलावा संगठन से दबाव बनाकर बाहर सरफेस में घूम रहे हैं। जिसकी वजह से कहीं ना कहीं उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है एवं वेकोलि को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि अम्बाड़ा कालरी की भवानी खदान को एक सितंबर 2017 को बंद कर दिया गया एवं उसका मेन पावर को ओपन कास्ट फेस 3 में शिफ्ट कर दिया गया था इन कर्मचारियों की संख्या लगभग 80 के करीब थी। जो विगत तीन वर्षों से इसी ओपन कास्ट में अपनी सेवाएं दे रहे थे यह कर्मचारी काम तो सरफेस में कर रहे थे लेकिन वेतन इनको अंडर ग्राउंड का मिल रहा था इसमें ओवरमैन माइनिंग सरदार के अलावा कुछ जनरल मजदूर भी थे।
श्रमिक संगठन में अपनी पकड़ मजबूत होने की वजह से यह कर्मचारी कई वर्षों से मुआरी ओपन कास्ट में जमे हुए थे लेकिन वर्तमान समय में इस ओपन कास्ट के बंद होने की वजह से इन कर्मचारियों को अंडर ग्राउंड खदान में शिफ्ट किया गया। लेकिन कई वर्षों से काम ना करने वाले एवं कामचोर कर्मचारी अब खदान के अंदर जाकर काम करने से कतरा रहे जो कहीं ना कहीं वेकोलि के नुकसान का कारण बन रहा है।

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