एक और किसान ने की आत्महत्या

धान फसल खराब होने व कर्ज के कारण की आत्महत्या

By: Rajendra Sharma

Published: 11 Dec 2017, 06:22 PM IST

छिंदवाड़ा/नागपुर. विदर्भ में किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मौदा तहसील के वाकेश्वर निवासी किसान संजय चिंतामन चवड़े (34) धान फसल न होने व कर्ज के कारण आत्महत्या की। वह संयुक्त परिवार में कमाई करने वाला एकमात्र पुरुष था। परिवार में पत्नी और 2 लडक़े हैं। विधायक सुनील केदार ने मृतक संजय चवड़े के घर जाकर उसके परिवार को सांत्वना दी व शासन की ओर से हरसंभव सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया।
तहसीलदार खंडाईत ने मुख्यमंत्री सहायता निधि, किसान फसल बीमा योजना का प्रस्ताव तत्काल पेश करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र मुलक, रामटेक के पूर्व उपसभापति उदयसिंह यादव, योगेश देशमुख, सरपंच रामसिंह गजबे, सिन्नू यान्नगाटी, स्वप्निल श्रावणकर, चन्द्रमणि बागड़े, नेहरू सपाटे व ग्रामीण उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि विदर्भ में सैकड़ों किसान अब तक आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार कर्जमाफी की योजना भी चला रही है, इसके बावजूद यह सिलसिला थम नहीं रहा है।

फर्जी दस्तावेजों से हड़पी जमीन
नागपुर. फर्जी दस्तावेज बनाकर एक व्यक्ति ने 2 बहनों की साढ़े 3 एकड़ जमीन हड़प ली। पुलिस ने नंदनवन निवासी कुसुम देवमन नगराले (50) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपी झिंगाबाई टाकली निवासी प्रभाकर पंजाबराव लोहीकर बताया गया। 28 वर्ष बाद यह धोखाधड़ी सामने आई है। कुसुम और उनकी बहन सयाबाई भीमराव पाटिल की कलमेश्वर की मौजा डोर्ली में पुश्तैनी साढ़े 3 एकड़ जमीन थी। शादी के बाद सयाबाई मुंबई रहने चली गईं। कुसुम भी कभी नंदनवन तो कभी पुणे में रहती थीं। इस दौरान दोनों अपनी जमीन की निगरानी नहीं कर पाए। अब उन्हें अपनी जमीन बेचनी थी। दोनों ने जमीन के दस्तावेज इक_ा किए। जांच के दौरान पता चला कि जमीन के सातबारा में तो प्रभाकर का नाम चढ़ा है। सिविल लाइन्स स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रभाकर ने कुसुम और सयाबाई की जगह दूसरी महिलाओं को खड़ा किया। फर्जी दस्तावेज बनाकर दोनों के बोगस हस्ताक्षर करके जमीन अपने नाम पर करवा ली। सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।

Rajendra Sharma Desk
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