किसानों की फसल तबाह

विधायक-अधिकारी मौके पर

By: sunil lakhera

Published: 03 Jan 2020, 04:52 PM IST

अम्बामाली . मोहखेड विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के साथ में रात को हुई ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं चना आदि फसलों को हुआ भारी नुकसान हुआ और गेहूं की फसल खेत में सो गई । किसानों ने बताया कि बटाने, आलू, गोभी आदि को नुकसान हुआ है। विकासखंड के शंकरपुर, सलैया, टेमनीखुर्द भैरवपुर, सांवरी बजार, करलाकलां, प्रधानघोगरी, लावाघोघरी, मैनी खापा, सहित आसपास के क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हुआ है। शंकरपूर के किसानों की गेहूं की फसल अधिक हवा एवं ओला से गिर चुकी है।
पांढुर्ना में बुधवार देर रात को हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि के कारण खेतों में फसलें बर्बाद हो गईं। सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासी अंचल क्षेत्र के ग्रामों में हुआ है। उपतहसील नांदनबाड़ी के अंतर्गत आने वाले नरसला, ढोलनखापा, दिघौरी, धनौरा, उत्तमडेरा, कोंढाली, छाबड़ी , बोरपानी, मेट, पठारा सहित कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। बेर के आकार के ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि खेतों में संतरा, कपास, चना, मटर, गेहूं को नुकसान हुआ है। एसडीएम सीपी पटेल ने राजस्व विभाग को खेतों में हुए नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। विधायक निलेश उईके ने एसडीएम सीपी पटेल, तहसीलदार राजेश चौरसिया और पटवारियों के साथ धनोरा, उत्तमडेरा, दिघोरी, ढोलनखापा, नरसला और पठारा में खेतों में पहुंचकर किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। विधायक के साथ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामप्रसाद उइके उपस्थित थे।
कपास को हुए नुकसान से किसान मायूस- पहले अतिवृष्टि और अब ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसानों को कपास में क्षति पहुंची है। बारिश के थमने के बाद जिन किसानों ने कपास की बोवनी की थी उन्हें इस उत्पादन से अच्छी उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने आस पर पानी फेर दिया। किसानों के चेहरे मायूस हो गए है।

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