आचार संहिता के पेंच में फंसा परंपरागत त्योहार, प्रशासन एवं समिति हुई आमने-सामने

विभिन्न बिन्दू पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया।

By: ashish mishra

Published: 04 Apr 2019, 01:23 PM IST


छिंदवाड़ा. लोकसभा चुनाव के दौरान हर्षोल्लास के साथ परंपरागत त्योहार मनाया जाए और आचार संहिता का भी पालन हो इसके लिए बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं आयोजन समितियों के बीच बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न बिन्दू पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया। हालांकि बैठक में त्योहारों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए शासकीय संपत्ति का उपयोग करने को लेकर सहमति नहीं बन पाई। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि चुनाव आयोग के अनुसार शासकीय संपत्ति का उपयोग हुआ तो संपत्ति विरूपण अधिनियम का उल्लंघन होगा। वहीं तोरन को लेकर भी अधिकारियों ने आपत्ति जताई। इस पर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य सहमत नहीं हुए। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि वह इस बारे में चुनाव पर्यवेक्षक से बात करेंगे। बैठक में एएसपी, नगर पालिका निगम कमिश्नर, एसडीएम, तहसीलदार एवं समिति के आनंद बक्षी, विजय पांडेय, शिव मालवी, प्रणय नामदेव, नरेन्द्र जैन, गोलू तिवारी, सचिन वानखेड़े, जाकिर परवेज सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

इन पर बनी सहमति
बैठक में रामनवमी एवं अन्य त्योहार के आयोजन के दौरान रैली निकालने एवं रात 10 बजे तक लाउड स्पीकर का प्रयोग करने पर सहमति बनी। वहीं धर्मावलंबी अपने दूकान के सामने साज-सज्जा भी कर सकते हैं।

Patrika
ashish mishra Desk
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