शासन को लगाया 12 लाख का चूना, अब देना पड़ रहा हिसाब, जानें किसने लगाई चपत

Dinesh Sahu | Publish: Nov, 10 2018 11:22:01 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

तात्कालीन सिविल सर्जन डॉ. जेएस गोगिया ने बिना विभागीय अनुमति के किया ज्यादा खर्च, विभाग ने मांगा हिसाब, कार्रवाई की दी चेतावनी

छिंदवाड़ा. जिला अस्पताल के तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. जेएस गोगिया ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में सफाई मद अंतर्गत करीब बारह लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता किए जाने का मामला सामने आया है। मप्र स्वास्थ्य संचालनालय ने इस संदर्भ में वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद पर कार्यरत डॉ. गोगिया से 15 दिन के भीतर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर के माध्यम से जवाब मांगा है तथा निर्धारित समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 

अपर संचालक (प्रशासन) विवेक क्षेत्रीय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में सफाई मद अंतर्गत 61 लाख 88 हजार 679 रुपए खर्च करने का मापदंड निर्धारित था, लेकिन बगैर विभागीय अनुमति लिए डॉ. गोगिया 73 लाख 83 हजार 205 रुपए खर्च कर दिए। इस तरह शासन को करीब बारह लाख रुपए की वित्तीय हानि हुई है तथा भंडार नियमों का उल्लंघन और मद परिवर्तन आदि नियमों की अवमानना मानी गई है।


कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई जांच


शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में क्रय की गई सफाई सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कलेक्टर की अध्यक्षता में की गई। इसके लिए जांच दल भी गठित किया गया। जिसमें वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि जिले में अनौचित्य कदम से प्रदेश में सफाई मद के बजट में असंतुलन आया है।


बगैर निविदा के क्रय की सामग्री


सफाई सामग्री के नाम से क्रय की गई विभिन्न सामग्री आवश्यकता, औचित्य तथा एप्लीकेशन ऑफ माइंड एवं वित्तीय औचित्य मानक सिद्धांतों को ताक पर रख खरीदी गई तथा इसके लिए किसी प्रकार की निविदा भी नहीं आहुत की गई। इसके अलावा क्रय की गई सामग्री मद संख्या 34-009 से विकलनीय थी, जिसे बदल दिया गया तथा 1473-31-006 मद से खर्च कर दिया गया।

 

मिली जानकारी के अनुसार सफाई के लिए आउटसोर्स पर रखे गए कर्मियों की सेवा प्रदाता फर्म एवं फर्म द्वारा उपयोग में लाई गई सामग्री गुणवत्ताहीन पाई गई। इसके अलावा २० प्रतिशत लोकल खरीदी के अधिकार का भी गलत उपयोग किया गया। इसके अलावा लंबित देयकों का भुगतान सक्षम स्वीकृति, एसआर-११५ तथा मप्र वित्तीय संहिता नियम का पालन नहीं किया गया।


शासन के निर्देश पर हुए खर्च


जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था में किए गए खर्च शासन के निर्देश पर हुए हैं। इसके समस्त दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हंै। छिंदवाड़ा के अलावा प्रदेश के २२ जिले के सिविल सर्जन को शासन ने पत्र लिखा है।


डॉ. जेएस गोगिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned