पहले जब्ती किया अब बेचने की है तैयारी

कचरे एवं छापामार कार्रवाई में एकत्रित हुई है पॉलीथिन...

By: mantosh singh

Published: 04 Jan 2018, 12:37 PM IST

छिंदवाड़ा. कई महीनों से वर्मन की जमीन में एकत्र हो रहा शहर का कचरा अब निगम एक निजी फैक्ट्री मालिक को बेचेगा। निगम द्वारा कई महीनों कचरा से पॉलीथिन अलग की जा रही थी, इसके अतिरिक्त दुकानों से छापामार कार्रवाई में जब्त की गई थी। बता दें कि निगम प्रशासन काफी समय से पॉलीथिन बेचने के प्रयास में था, लेकिन हाल ही में ६ रुपए किलो की दर से डील हुई । इस समय वर्मन की जमीन पर ६० क्विंटल से अधिक पॉलीथिन रखी गई है। जिसकी कीमत करीब ३६ हजार रुपए तक होगी। बता दें कि कई दिनों से निगम द्वारा सड़क बनाने वाली निर्माण एजेंसियों और फैक्ट्री मालिकों से बात चल रही थी। दस्तावेजी कार्रवाई के बाद गुरुवार को तौल करवाया जाएगा।

६ रुपए प्रति किलो की दर से बेचा
वर्मन की जमीन में ५०-५० किलो के १२० बंडल रखे हुए हैं। ६ रुपए प्रति किलो की दर से बेचा गया है। भविष्य में पॉलीथिन अलग करने से लेकर, उसके निपटॉन तक का काम का टेंडर भी किए जाने का विचार चल रहा है।
अशोक पांडेय, सहायक यंत्री निगम


सुपर क्वालिटी करेगी निर्माण कार्यों का परीक्षण
नगरीय निकायों के अंतर्गत होने वाले कार्यों का सुपरविजन अब राज्य शासन से नियुक्त की गई एजेंसी सुपर क्वालिटी कंट्रोल करेगी। एसक्यूसी को इसके लिए निगम ने खजरी ग्राम पंचायत भवन में ऑफिस भी मुहैया करवा दिया है। फिलहाल एसक्यूसी में एक असिस्टेंट रेसिडेंट इंजीनियर सुनील चौधरी एवं एक कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित चार लोगों की टीम आ चुकी है। जिमसें इंजीनियर अरुण पटेल एवं इंजीनियर आरती बघेल शामिल हैं। इस संबंध में सहायक यंत्री अशोक पांडेय ने बताया कि राज्य शासन से जितनी भी राशि निर्माण कार्यों के लिए दी गई है उन सब के दस्तावेजों से लेकर निर्माण कार्यों का पड़ताल इस कम्पनी के द्वारा किया जाएगा। समय-समय पर किसी भी गड़बड़ी की जानकारी होने पर सम्बंधित निकाय एवं ठेकेदार को भी सूचना दी जाएगी। इस सबकी फाइनल रिपोर्ट भोपाल भेजी जाएगी। जिले के समस्त नगरीय निकायों में राज्य सरकार से सहायता प्राप्त राशियों का लेखा जोखा कम्पनी को देना अनिवार्य होगा। इंजीनियर पटेल ने बताया कि सुपर क्वालिटी कंट्रोल निर्माण कार्यों की टेस्टिंग करेगी। मसलन कंक्रीट, बाइब्रेटर, स्केप में जो भी कमी होगी उसे भी देखा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट अपने सीनियर को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री अधोसंरचना, पेयजल योजना, यूआईडीएसएसएमटी जैसी योजनाओं की प्रोगे्रस रिपोर्ट एसक्यूसी द्वारा राज्य शासन को भेजी जाएगी।

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