बार-बार बिजली बंद होना और वोल्टेज की समस्या होगी कम

वर्षों से सिराठा और आसपास के गांवों के किसान अलग विद्युत वितरण केन्द्र बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो सकी है। इस बार खुद कंपनी के अधिकारी किसानों की इस समस्या को देखते हुए वितरण केंद्र बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 15 Jun 2021, 10:10 PM IST

छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. सांसद नकुलनाथ के पांढुर्ना दौरे में सिराठा में विद्युत वितरण केंद्र खोले जाने की मांग उठी। जिसे किसानों के हित में उचित मानकर शीघ्र स्वीकृत कराने का आश्वासन सांसद ने दिया। वर्षों से सिराठा और आसपास के गांवों के किसान अलग विद्युत वितरण केन्द्र बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो सकी है। इस बार खुद कंपनी के अधिकारी किसानों की इस समस्या को देखते हुए वितरण केंद्र बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
सहायक यंत्री वी एस पटेल ने बताया कि नांदनवाड़ी विद्युत वितरण केन्द्र के अंतर्गत सिराठा की दूरी 50 से 60 किमी है। सिराठा के आगे मांगुरली, चाटवा, रिंगनखापा और चिचखेड़ा गांवों तक बिजली पहुंचते पहुंचते बढ़ते लोड के कारण वोल्टेज डाउन हो जाता है। जिससे बार बार लाइन ट्रिपिंग होने से बिजली बंद रहती है। इन गांवों में उन्नत शील किसान खेती कर रहे है जिन्हें बिजली नहीं रहने से सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में भी बिजली नहीं रहने से व्यापार ठप से हो गए है। लाइन की लंबी दूरी की वजह से गोरलीखापा को तिगांव मारूड सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
सिराठा में विद्युत वितरण केन्द्र बनने से दस गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकेगी। लाइन की समस्या खत्म हो जाएगी। लोड भी कम होगा। इससे ट्रिपिंग की समस्या हमशा के लिए खत्म हो जाएगी। केन्द्र बनने से सिराठा समेत, मांगुरली, चाटवा, रिंगनखापा, चिचखेड़ा, गोरलीखापा, भटेवाड़ी, सीताढाना , कोकोढाना, बिछुआ साहनी, मांगुरली के किसानों को भरपूर बिजली मिल सकेगी। साथ ही तिगांव, मारूड और नांदनवाड़ी विवि केंद्र का दबाव भी कम हो जाएगा।

शासन स्तर पर तेज प्रयास की जरूरत
वितरण केंद्र के लिए जनप्रतिनिधियों को शासन स्तर पर प्रयास तेज करने होंगे। सिराठा में विद्युत वितरण केंद्र के लिए स्थान भी चिह्नित किया जा चुका है। गांव वालों ने इसके लिए एनओसी भी दी है। अब शासन पर दारोमदार है कि वह स्वीकृति प्रदान कर बजट जारी करें। हालांकि केन्द्र का निर्माण विद्युत वितरण कंपनी भी कर सकती है। इसके लिए भी प्रयास करने होंगे।
गोभी उत्पादक किसानों से जाना जाता है क्षेत्र
सिराठा का क्षेत्र बड़ी मात्रा में गोभी उत्पादन के लिए जाना जाता है। बड़े किसान यहां गोभी का उत्पादन कर दूसरे प्रदेशों में बेचने के लिए भेजते है। किसानों की लाखों की आमदनी है। बिजली की समस्या हल करने से क्षेत्र का विकास होगा। क्षेत्र के लगभग 1000 पंप कनेक्शनों को राहत मिलेगी।

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