Garbage Plant: हवा में उड़ रहा कचरा,खाद बनाने की मशीन बंद

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नहीं ली अनुमति और तीन स्तर पर भी नहीं किया प्लांटेशन

By: manohar soni

Published: 25 Sep 2021, 11:27 AM IST

छिंदवाड़ा. पूरे शहर की गली-मोहल्ले का एकत्रित सूखा-गीला कचरा पर्यावरण नियमों के हिसाब से न तो जामुनझिरी ठोस अपशिष्ट प्रस्संकरण केन्द्र में भंडारित हो रहा है और ना ही मशीन से इसका पृथक्कीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा अभी तक इस प्लांट की पर्यावरणीय अनुमति भी नहीं ली गई है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम को कड़ा पत्र लिखा है।
नगर निगम द्वारा परासिया रोड बर्मन की जमीन स्थित कचरा प्लांट को एक साल पहले जामुनझिरी में स्थानांतरित किया गया है। तब से ही 70 टन गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर निगम के डम्पर और छोटे वाहन जामुनझिरी लेकर पहुंच रहे हैं। इस प्लांट में पर्यावरण नियमों के हिसाब से जितने मानक तय है,उसका फिलहाल उल्लंघन हो रहा है। इसका निरीक्षण हाल ही में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने किया। उसमें अधिकांश नियमों पर खामियां मिली। स्थल पर देखने पर पाया गया कि सूखा कचरा आसपास के इलाकों में हवा से उड़ रहा है। उसे कवर्ड नहीं किया गया है। कचरा पृथक्करण मशीन बंद पड़ी है। पहाड़ी में तीन स्तर पर पौधरोपण नहीं किया गया है। ये ऐसी खामियां है, जिससे स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की तैयारी पर असर पड़ सकता है। इससे पहले ही बोर्ड ने निगम को चेतावनी दे दी है। अब देखना यह है कि निगम के अधिकारी बोर्ड के नियम के हिसाब से कितना सुधार ला पाते हैं। इसके सुधार पर ही शहर स्वच्छ शहर का तमगा बरकरार रख पाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गिनाई कमियां
1. ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण केन्द्र जामुनझिरी के संचालन की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरण सम्मति एवं प्राधिकार अभी तक नहीं लिया।
2.सी एंड डी वेस्ट से पेवर ब्लॉक बनाने का अनुबंध और प्रस्ताव बोर्ड से नहीं लिया।
3.विण्डरोज कम्पोस्टिंग एवं वर्मी कम्पोस्टिंग की इकाई का संचालन के लिए बोर्ड की सम्मति नहीं।
4.डोर-टू-डोर संग्रहित को कचरे को कव्हर्ड शेड में डम्प नहीं किया जा रहा है। इससे आसपास की कृषि भूमि को क्षति पहुंच रही है।
5. सूखे एवं गीले कचरे के प्रसंस्करण की मशीनों का सतत संचालन नहीं हो पा रहा है। गीले कचरे से बहने वाले सीपेज को ड्रेन के माध्यम से एकत्रित कर उसका उपचार नहीं हो पा रहा है।
6. स्थल पर वर्षा जल के कीटाणु एवं लार्वा को नष्ट करने के उपाय नहीं किए गए हैं।
7. पृथकीकरण के पश्चात् बचा हुआ वेस्ट की अलग से कोई व्यवस्था नहीं है ।
8. स्थल पर जितने पौधरोपण दिखाए गए हैं, उतने नहीं लगाए गए हैं।

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जामुनझिरी में करंट आने से मशीन बंद, कचरा पृथकीकरण में समस्या
जामुनझिरी कचरा प्लांट में साग-सब्जियों समेत गीले कचरे के पृथकीकरण और खाद बनाने की प्रक्रिया में लगी मशीन करंट आने से बंद पड़ी है। इससे कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। इस प्लांट में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि मशीन चालू करने में करंट आ रहा है। इसके चलते इसे बंद रखा गया है।
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एफएससीटी और कम्पोस्ट पर ले लिया पुरस्कार
इस मामले में महत्वपूर्ण यह भी है कि.राज्य स्तर पर नगर निगम को एफएससीटी के उचित क्रियान्वयन पर 200 में से 188 अंक प्राप्त होने पर प्रथम पुरस्कार व कम्पोस्ट इकाई के सफल क्रियान्वयन में 200 में से 192 अंक पर द्वितीय पुरस्कार मिला। इन दोनों के प्रमाणपत्र निगमायुक्त हिमांशु सिंह ने प्राप्त किए थे।
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इनका कहना है..
जामुनझिरी कचरा प्लांट के संचालन की नगर निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति नहीं ली गई है। इसके साथ ही बोर्ड के निरीक्षण में कमियां पाई गई है। इस पर निगम को पत्र लिखा गया है।
-डॉ.अविनाश चंद्र करेरा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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जामुनझिरी पर बोर्ड के पत्र के बाद विधिवत् सम्मति के आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही कमियों पर दिए गए सुझावों पर अमल करने दिसम्बर तक लक्ष्य तय किया गया है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में इस सेगमेंट में अच्छे अंक प्राप्त करने प्रयास होंगे।
-हिमांशु सिंह, आयुक्त नगर निगम।
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manohar soni Reporting
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