health: लक्ष्य को हासिल करने सरकारी अस्पताल इन पर निर्भर, देखें वीडियो

Dinesh Sahu

Publish: Sep, 17 2019 12:33:07 PM (IST)

Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

छिंदवाड़ा/ राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत जिले में मिले मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य हासिल करने शासकीय अस्पताल अन्य संस्थाओं पर निर्भर है। स्थिति यह है कि सामाजिक संस्थाओं को जिला अस्पताल से मरीजों को ले जाना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में देखने को मिला है, जिसमें जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के समक्ष लायंस क्लब परासिया की मोबाइल एंबुलेंस ने विभिन्न मरीजों का चिन्हाकन किया है।

हालांकि जिम्मेदार अधिकारी इसे वैधानिक प्रक्रिया बताते है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीएम गेडाम ने बताया कि कुल जनसंख्या के हिसाब से जिले को करीब 17 हजार मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया है। जिला अस्पताल तथा सौंसर हॉस्पिटल में साल भर करीब एक हजार ऑपरेशन किए जाते है, जबकि शेष जबलपुर, परासिया स्थित सामाजिक संस्था सहित निजी चिकित्सालयों द्वारा हासिल किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान स्थिति में सिम्स तथा सम्बद्ध जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में पर्याप्त संख्या में चिकित्सा विशेषज्ञ पदस्थ है। इसके बावजूद विभागीय दावों के आधार पर प्रतिदिन दो या तीन ही ऑपरेशन किए जा रहे है, जबकि प्रायवेट संस्थाओं के आंकड़े हैरान करने वाले है।

प्रति मरीज मिलता है दो हजार रुपए -

शासन से अनुबंध प्राप्त सामाजिक संस्थाओं को शासन प्रति मरीज के हिसाब से दो हजार रुपए मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने के पर देती है। वहीं शासकीय संस्थाओं के डॉक्टरों को लाखों रुपए वेतन भुगतान किया जाता है।

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