किसान ऋण माफी में नया पेंच, 75 फीसदी ऋण ही माफ करेगी सरकार

नए आदेश के मुताबिक शेष 25 प्रतिशत राशि का वहन सहकारी समितियां करेंगी

By: prabha shankar

Published: 20 Jun 2019, 08:00 AM IST

छिंदवाड़ा. किसान ऋण माफी योजना में प्रदेश सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने का क्रम तो शुरू कर दिया है, लेकिन इसके लिए सरकार ने जो दिशा निर्देश सहकारी समितियों को दिए हैं वह इन समितियों की कमर तोडऩे वाले हैं। कर्ज माफी वाले मामले में समितियों में किसानों का जितना कर्ज निकल रहा है उसमें से सरकार ने 75 प्रतिशत की राशि ही समितियों को देने का निर्णय लिया है बाकी 25 प्रतिशत राशि समितियों को ही वहन करना होगा।
समितियां यह राशि किस तरह समायोजित करेंगी और यह घाटा कैसे वहन करेंगी इसको लेकर पेंच फंसा हुआ है। जिले में 145 सहकारी साख समितियां हैं।

शून्य प्रतिशत पर किसानों को ब्जाज दे चुकी इन समितियों की हालत पहले से ही खस्ता है। किसानों द्वारा ऋण न लौटाने के कारण ये समितियां वैसे ही घाटे में चल रहीं हैं। ऐसे में ऋण माफी की योजनाउनके लिए और सिरदर्द बनी हुई है।
इस मामाले में सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि इसके लिए भी गाइडलाइन तैयार की गई है, लेकिन कैसे यह वे नहीं बता रहे।


145 में समितियों में से 23 ही लाभ में
जिले में 145 सहकारी समितियां संचालित हैं। इनमें से 23 समितियां ही लाभ में चल रहीं हैं। बाकी समितियां घाटे में हैं। कर्ज माफी के कारण इनकी स्थिति और गड़बड़ा गई है। कई समिति के प्रबंधक भी इस बात को स्वीकार रहे हैं,लेकिन सरकार के निर्णय और किसानों वाली बात को लेकर वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।

समितियों के प्रबंधकों का कहना है कि समितियां आज की स्थिति में ऐसे हालात झेलने को तैयार नहीं हैं। किसानों को देने के लिए बैंक से हम लोन लेते हैं। बैंक नौ प्रतिशत ब्याज लगाकर वसूल करती है। वो पैसा हमें एक से डेढ साल बाद मिलता है। कर्ज माफी के कारण वसूली भी रुकी है। ऐसे में एनपीए बढ़ा तो समितियां तो काम करने लायक नहीं बचेगी।


अंशदान: ऊंट के मुुंह में जीरा

सरकार समितियों को घाटे से उबारने के लिए अंशपूजी देकर मदद करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार समितियों के लिए नौ करोड़ रुपए आया है। जिले की 145 समितियों में यह अंशपूजी बहुत कम है। इससे क्या होने वाला है। समिति के संचालकों का कहना है कि यह राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। घाटा इस मिलने वाली अंशपूजी से कई गुना ज्यादा है। ऐसी मदद से तो भरपाई में वर्षों लगेंगे। जिला सहकारी बैंक को भी ऋण माफी किए जाने के एवज में 93 करोड़ रुपए फिलहाल मिले हैं।

इनका कहना है
सरकार ने सहकारी बैंक के 34 हजार 500 एनपीए और 15570 पीए खातों के लिए 93 करोड़ दिए हैं। 31-32 करोड़ रुपए की राशि और आई है। समितियों को मदद की जाएगी। इस सम्बंध में सरकार और फैसले ले रही है इस बारे में अभी बताया नहीं जा सकता।
केके सोनी, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक,छिंदवाड़ा


फैक्ट फाइल
129674 किसानों ने कर्जमाफी के लिए कराया पंजीयन
128621 पोर्टल पर दर्ज हुए किसानों के आवेदन
57541 किसान पहले चरण में माफी के लिए चुने गए
124 करोड़ से ज्यादा का बकाया ऋण हुआ माफ
50349 सहकारी बैंक के किसानों का हुआ माफ
109 करोड़ रुपए का माफ किया गया ऋण
93 करोड़ सरकार ने दिया एनपीए-पीए किसानों का पैसा

prabha shankar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned