यह है स्वच्छता सर्वेक्षण की गाइडलाइन, इस बार होगी कड़ी टक्कर

गाइडलाइन लेट आने पर नगर निगम ने मई से इसकी तैयारी शुरू की

By: prabha shankar

Published: 18 May 2019, 10:38 AM IST

छिंदवाड़ा. स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में रैंकिंग की चुनौती क्रिकेट, फुटबॉल की लीग प्रतियोगिता की तर्ज पर स्वीकारनी होगी। तभी नगर निगम बेहतर परफॉर्मेंस कर पाएगा। दरअसल शहरी विकास मंत्रालय द्वारा नए सर्वेक्षण का फॉर्मेट बिल्कुल खेल की तर्ज पर किया गया है। इसकी गाइडलाइन लेट आने पर नगर निगम ने मई से इसकी तैयारी शुरू की है।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 की नई गाइडलाइन में यह तय है कि अप्रैल से सितम्बर-2019 तक तीन-तीन महीनों की एक तिमाही में एसएस लीग होगा जिस पर कुल एक हजार अंक तय किए गए हैं। इसके बाद एसएस-2020 शुरू होगा जो अक्टूबर से दिसम्बर तक चलेगा। इसके लिए भी अलग से प्रयास किए जाएंगे। एसएस-2020 का फाइनल निरीक्षण पूरे देश में 4 से 31 जनवरी 2020 के बीच होगा।
इस गाइडलाइन के लेट आने पर नगर निगम ने इसकी तैयारियां मई से शुरू की। कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल शहर की सफाई पर फोकस के साथ कचरा पृथककरण समेत अन्य बिंदुओं पर काम करना शुरू कर दिया गया है। पूरी तैयारी खेल लीग की तरह कर रहे हैं। जून में पहला इम्तहान देना होगा।

ऐसा होगा अंक विभाजन
1000 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस और सिटीजन फीडबैक पर रहेंगे।
1000 अंक एसएस लीग पर रहेंगे जिसमें 200 अंक रैंकिंग सुधार और 800 अंक एसएलपी पर होंगे।
1000 अंक प्रत्यक्ष अवलोकन पर रहेंगे।
1000 अंक दस्तावेजों के प्रमाणीकरण पर होंगे।
तो होगी माइनस मार्किंग
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 की नई गाइडलाइन में सम्बंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि उन्होंने किसी प्रकार से गलत जानकारी अपलोड की या उसके दस्तावेज भेजे या क्लेम किए तो सम्बंधित निकाय की माइनस मार्किंग की जाएगी। गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई है कि ऐसा करने वाले निकायों की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।

prabha shankar Desk
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