किसानों पर टूटा ऐसा कहर कि घोषित करनी पड़ी स्थाई आपदा

Rajendra Sharma

Publish: Feb, 15 2018 05:35:38 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 07:57:07 PM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
किसानों पर टूटा ऐसा कहर कि घोषित करनी पड़ी स्थाई आपदा

कलेक्टर सहित आला अधिकारियों ने खेतों का लिया जायजा, कृषि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि भी करेंगे सर्वे

छिंदवाड़ा. रविवार और सोमवार को प्रकृति के बरपे कहर और उसके बाद हुई बर्बादी देखने बुधवार को कलेक्टर सहित सभी आला अधिकारी खेतों में दिनभर घूमे। कलेक्टर जेके जैन, एडीएम कविता बाटला, क्षेत्र के एसडीएम, एसडीओ सहित कृषि और उद्यानिकी विभाग के आला अफसरों के साथ जिले के दौरे पर निकले। ओलावृष्टि में सबसे ज्यादा प्रभावित सौंसर और पांढुर्ना के दस गांवों में कलेक्टर पहुंचे और वहां हालात का जायजा लिया।
कलेक्टर ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान को स्थाई आपदा घोषित किया है। फसल बीमा योजना में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित होने पर कलेक्टर इस तरह की आपदा की घोषणा कर सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार कृषि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि गुरुवार-शुक्रवार पहुंचेंगे और यहां सर्वे करेंगे एवं मुआवजे का प्रकरण बनाएंगे।

आजनगांव और अंबाड़ा पट्टी में ज्यादा नुकसान

सर्वे करने गए अधिकारियों ने बताया कि आजनगांव से चिकलबर्री और इधर अंबाड़ा से नांदनवाड़ी पट्टी में ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। इन दोनों पट्टियों में लगभग ३० गांव आते हैं। उपसंचालक कृषि केपी भगत ने बताया कि गेहूं और चना यहां बहुत ज्यादा रकबे में नहीं लगा है। लेकिन जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है नुकसान ज्यादा हुआ है। उन्होनंे बताया कि जहां २५ प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है वहां पटवारी हल्के के अनुसार सर्वे होगा। इसके लिए कलेक्टर की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। जहां २५ प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है वहां व्यक्तिगत स्तर पर किसानों के रकबे का सर्वे होगा और मुआवजा तय किया जाएगा।

संयुक्त टीम बनाकर होगा सर्वे

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीओ के नेतृत्व में पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी विभाग के कर्मचारी, पंचायत सचिव और सरपंच की एक टीम बनाई गई है। जिले के सभी विकासखंडों में यह टीम सर्वे करेगी और किसानों से मिलकर क्षति का पंचनामा बनाएगी। यही नहीं किसान और उसके प्रभावित रकबे की जानकारी पंचायत मुख्यालय पर चस्पा भी की जाएगी ताकि सम्बंधित किसान देख सकें कि सर्वे सही हुआ है या नहीं। कलेक्टर ने कहा कि तत्परता और गम्भीरता के साथ सर्वे जल्द कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।

खेतों में पहुंचकर किसानों से मिले कलेक्टर

कलेक्टर जेके जैन बुधवार को सुबह ११ बजे आला अधिकारियों को लेकर प्रभावित खेतों को देखने पहुंचे। उनके साथ एडीएम कविता बाटला, सौंसर और पांढुर्ना के एसडीएम, उपसंचालक कृषि, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी और राजस्व विभाग का अमला था। जिले की तहसील सौंसर और पांढुर्ना क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का उन्होंने भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सौंसर तहसील के ग्राम तिनखेड़ा वे सबसे पहले पहुंचे। इसके सांईखेड़ा और जाखीवाड़ा, पांढुर्ना तहसील के ग्राम आजनगांव, बोथिया, बड़चिचोली में भी उन्होंने खेतों का भ्रमण कर ओला प्रभावित गेहूं, मटर, चना, संतरे, गोभी, पपीता आदि फसलों का निरीक्षण किया। उन्होनंे किसानों से भी चर्चा की और कहा कि वे किसी भी स्थिति से परेशान न हो प्रशासन पूरी मदद करने को तैयार है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फसल नुकसानी के प्रकरण तत्परता से तैयार कराए।

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