सिरदर्द बन गई मुख्यमंत्री भावांतर योजना

सिरदर्द बन गई मुख्यमंत्री भावांतर योजना

arun garhewal | Publish: Dec, 07 2017 04:59:48 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

भावांतर योजना के भंवर से निकले किसानों के लिए सरकार का नया आदेश सिरदर्द पैदा करने वाला बन गया है। किसानों को इस नए आदेश से बड़ा झटका लगा है जिसके बाद

छिंदवाड़ा. पांढुर्ना. भावांतर योजना के भंवर से निकले किसानों के लिए सरकार का नया आदेश सिरदर्द पैदा करने वाला बन गया है। किसानों को इस नए आदेश से बड़ा झटका लगा है जिसके बाद किसानों का सब्र टूटता नजर आ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने सोसायटियों में समर्थन मूल्य पर बेची ज्वार की फसल का 11 दिन बाद रिजेक्ट होने का आदेश प्राप्त हुआ है। जिसके बाद अब किसान का फसल उचित दाम मिलने का सपना टूट गया है।
इस बात को भुनाने में कांग्रेस ने कोई समय नहीं लगाया और बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने इस समस्या से किसानों को मुक्त करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. साहेबराव टोन्पे ने बताया कि एमपी एससीएससी द्वारा तिगांव के किसान गोपाल बलीराम हुरडे, वंदना सुरेश वानोड़े की ज्वार की फसलों को 17 नवंबर को खरीदा गया था। अब इन किसानों को सोसायटी द्वारा सूचना दी गई है कि इनकी फसलों के सेम्पल गुणवत्ताविहीन है इसे वापस लेकर जाए।
कांग्रेस का कहना है कि जब किसानों ने अपनी फसलें बेची थी तब ज्वार की क्वालिटी अच्छी थी और इस फसल को तीन अधिकारियों के सामने खरीदा गया था। कांग्रेसियों ने कहना है कि जब क्वालिटी खराब थी तो इस फसल को खरीदना ही नहीं था। इसे जबलपुर भेजकर जांच करके किसानों को गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस के प्रमोद भांगे, रामदास वानोड़े, साहेबराव बालपांडे, विलास महाले, सुभाष बोंदरे, रामभाउ ढोक, अशोक नारनवरे, विश्वास किनकर, चेतनानंद निकाजु, गनपति आगरे, पिलाजी डोंगरे, दुर्गाशंकर देशमुख, रामदास पोतदार आदि ने किसानों की फसलों को उचित दाम देने की मांग की है। यदि उचित दाम नहीं मिलता है तो आंदोलन की चेतावनी दी है।
किसानों पर दोगुना भार
तिगांव के चार किसानों की उपज को जबलपुर में सेम्पलिंग में रिजेक्ट किया गया। इन किसानों ने 10 किमी दूर से पांढुर्ना वृहताकार सोसायटी में आकर उपज बेची थी। इन्हें मिली पावती के बाद यकीन था कि बेची गई ज्वार के दाम मिलेंगे। परंतु अब इस फसइ को फिर से वापस लेकर जाने का दोगुना भार किसानों को चुकाना होगा।

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तहसील स्तर पर हो जनसुनवाई
सौंसर ञ्च पत्रिका. अब तहसील में ही जनसुनवाई एवं टीएल के पत्रों की समीक्षा होगी। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय सें प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर जेके जैन ने निर्देश दिए कि तहसील एवं जनपद क्षेत्र के आवेदक बडी संख्या में जिला मुख्यालय ना जाते हुए आवेदनों, शिकायतों का निराकरण तहसील कार्यालय में ही होंगे। एसडीएम डीएन सिंह ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक भी ली जाएगी। प्रति मंगलवार को दोपहर साढ़े बारह बजे से जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, टीएल के पत्रों की समीक्षा होंगी बैठक में विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित होंगे।

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