health: झोलाछाप डॉक्टरों को पकडऩे मरीज बनकर पहुंची टीम...लौटी बैरंग, जानें वजह

अमरवाड़ा विकासखंड के सिंगोड़ी का मामला

By: Dinesh Sahu

Published: 01 Mar 2020, 12:27 PM IST

छिंदवाड़ा/ सिंगोड़ी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें बेखौफ चला रहीं हैं। कई बार शिकायत होने तथा स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखे जाने के बाद भी स्थिति में जस की तस है। लागतार मिल रहीं शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर जिलास्तरीय चिकित्सा अधिकारियों की टीम शनिवार को मरीज बनकर झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक पहुंची, लेकिन विवाद की स्थिति निर्मित होने पर बिना कार्रवाई किए अधिकारी लौट आए।

सीएमएचओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सिंगोड़ी में 11 से 12 स्वघोषित डॉक्टर सक्रिय हैं, जिनके पास आयुर्वेदिक कम्पाउंडर का प्रमाण-पत्र है, लेकिन वे एलोपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज करते हैं। बताया जाता है कि इन झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की भनक सम्बंधितों को लग गई थी, जिसके चलते क्लीनिक में मौजूद मरीजों को बिना उपचार किए भगाया जा रहा था।

टीम सदस्यों ने जब कार्रवाई करना शुरू किया तथा शैक्षणिक योग्यता और आवश्यक डिग्री के दस्तावेज मांगे तो उनके द्वारा आयुर्वेद कम्पाउंडर के प्रमाण-पत्र पेश किए गए। इतना ही नहीं टीम के साथ मारपीट करने के उद्देश्य से समर्थकों को एकत्रित कर लिया। स्थिति बिगड़ती देख टीम में शामिल डीएचओ डॉ. डीसी धुर्वे तथा विभाग प्रभारी शशि पटेल बिना कार्रवाई किए लौट आए।

नहीं मिलती मदद


विभाग प्रभारी पटेल ने बताया कि पूर्व में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से सिंगोड़ी के एक बच्चे की मौत हो चुकी है तथा मामले में मानव अधिकार आयोग ने भी स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बावजूद अब तक स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जबकि विभाग ने मामले में कई बार पत्र लिखा है।

Dinesh Sahu
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