यहां तो हद हो गई

प्रशासन ने हाल ही में 70 से 90 वर्ग फीट का पट्टा दिया है। इतनी कम जगह में क्या घर बनाएंगे और कैसे रहेंगे।

By: mantosh singh

Published: 07 Jun 2018, 06:18 PM IST

पांढुर्ना. जवाहर वार्ड में रेलवे पटरियों के किनारे रहने वाले गरीब परिवारों को प्रशासन ने सर्वे के बाद पट्टा तो दे दिया, लेकिन बड़े परिवार होने के कारण नए पट्टेधारियों को यह स्थान कम लग रहा है।
वहीं दूसरी ओर यहीं पर पुराने पट्टेधारी जिन्हें प्रशासन ने ढाई सौ स्क्ेवयर फीट पट्टा दिया है। वे 1500 वर्ग फीट पर कब्जा कर के रखा हुआ है। जिनसे शेष भूमि को मुक्त करने की मांग को लेकर गरीब परिवारों ने एसडीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। यहां रहने वाले नए पट्टेधारी भीमराव सोनेकर, शकुनबाई राउत, राजू तायवाड़े, शीलाबाई बंसोड़, सुधाकर शेलके, पुरुषोत्तम काकड़े, शांताबाई वानखेडे को प्रशासन ने हाल ही में 70 से 90 वर्ग फीट का पट्टा दिया है। इन गरीब परिवारों ने बताया की हमें बहुत कम स्थान का पट्टा दिया गया है। इतनी कम जगह में क्या घर बनाएंगे और कैसे रहेंगे।

जितना कब्जा उतना मिला पट्टा
राजस्व विभाग का कहना है कि सर्वे में इन गरीब परिवारों का मौके पर जितना अतिक्रमण पाया गया उतनी ही जगह का पट्टा दिया गया है। पट्टा वितरण से पहले नगर पालिका ने दावे आपत्ति भी जारी की थी। इसमें भी इन परिवारों ने कोई आपत्ति नहीं उठाई या अपनी बात नहीं रखी। इधर परिवार की महिलाओं का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास में ढाई लाख रुपए दिए जाते हंै। हम इसमें 70 वर्ग फीट में मकान कैसे बना पाएंगे।
अन्य सदस्यों के लिए करेंगे पट्टे की मांग
परिवारों ने पत्रिका को बताया की जिस भूमि पर अतिक्रमण कर के रखा गया है, उनके पास सैकड़ों वर्ग फीट स्थान पर है। इस स्थान को अतिक्रमण मुक्त किया जाता है और सभी परिवारों को बराबर भूमि पर पट्टा दिया जाता है तो सभी को रहने के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।
अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
बोरगांव. नगर में सिर्फ एकमात्र शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जहां अपने नगर के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन खेद की बात है कि जहां औद्योगिक क्षेत्र तहसील शिक्षा का हब बनता जा रहा है। वहीं नगर के शासकीय महाविद्यालय में केवल स्नातक तक की कक्षाएं संचालित हो रही है। स्नातकोत्तर पीजी के लिए नगर के विद्यार्थी समुदाय को बाहर जाना पड़ता है, जिसका खर्चा हर नागरिक नहीं झेल पाता है। मध्यप्रदेश युवा छात्र संघ समिति ने अपने मांग में कहा कि शासकीय महाविद्यालय सौंसर में समस्त विज्ञान के विषयों में स्नातकोत्तर की कक्षा संचालित की जाए। शासकीय महाविद्यालय में एम कॉम की कक्षाएं संचालित की जाए। शासकीय महाविद्यालय लोधीखेड़ा में बीएससी कक्षाएं शुरू की जाए एवं प्राइवेट परीक्षा केंद्र बनाया जाए। शासकीय महाविद्यालय में एमए हिंदी, समाजशास्त्र एवं भूगोल विषय शुरू किया जाएग। ज्ञापन सौंपने वालों में अनूप सिंह, अर्जुन बनारसी, कमलेश, निलेश गाडगे, दीपक सिंह, राजेंद्र पिंपलकर, पुष्पा कुरोटे, सरोज दुफारे, ओमकार, गणेश बाडोले, जोशना पात्रिकर मौजूद थे।

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mantosh singh Editorial Incharge
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