Higher education: मुख्यमंत्री के गृह जिले में प्रदेश के अतिथि विद्वानों का हल्ला बोल

अतिथि विद्वान मुख्यमंत्री के गृह जिले में चरणबद्ध आंदोलन के मूड में है।

By: ashish mishra

Published: 03 Dec 2019, 12:31 PM IST

छिंदवाड़ा. मप्र अस्थायी प्राध्यापक संघ के नेतृत्व में नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के अतिथि विद्वान मुख्यमंत्री के गृह जिले में चरणबद्ध आंदोलन के मूड में है। इसकी शुरुआत भी उन्होंने सोमवार को कर दी। पहले दिन प्रदेश के अतिथि विद्वानों ने सिमरिया से लिंगा तक पैदल जीवन रक्षा यात्रा निकाली। हालांकि अतिथि विद्वानों का छिंदवाड़ा में जमावड़ा देखकर प्रशासन एवं पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए हैं। बताया जाता है कि अतिथि विद्वानों ने यात्रा निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली थी। अतिथि विद्वानों का कहना था कि हमने तीन दिन पहले ही आवेदन दे दिया था। कुछ अतिथि विद्वानों का कहना था कि हमें छिंदवाड़ा तक जाना था, लेकिन पुलिस ने हमें लिंगा में ही रोक लिया, जबकि हमारे साथ काफी संख्या में महिलाएं भी हैं। अतिथि विद्वान लिंगा स्थित एक लॉन में ठहरे हुए हैं।

सडक़ किनारे बैठकर बनाई रणनीति
सोमवार शाम लिंगा पहुंचने पर अतिथि विद्वानों ने सडक़ किनारे बैठकर रणनीति बनाई। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाइश भी दी।


अतिथि विद्वानों की यह है योजना
मीडिया प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने बताया कि नियमितिकरण की मांग को लेकर 12 अक्टूबर को प्रदेश के अतिथि विद्वानों ने भोपाल में आंदोलन किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने उस समय यह कहा कि एक सप्ताह के अंदर हम नियमितिकरण की निति बनाएंगे, लेकिन आज तक कार्यवाही नहीं हुई। अतिथि विद्वान सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।उनका कहना है कि हम मुख्यमंत्री के गृह जिले में इसका विरोध करेंगे व अपने अधिकार प्राप्ति के लिए व्यापक आंदोलन करेंगे। प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में अतिथि विद्वानों द्वारा तालाबंदी करके अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल की भी योजना है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि शासन ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा से नई नियुक्तियां प्रारम्भ कर दी है, जिससे अतिथि विद्वानों को नौकरी से बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है। जबकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा किए बिना सरकार नियुक्तियों की जल्दबाजी में है।

सख्त कार्रवाई की जाएगी

लिंगा के एक लॉन में उनका पहले से ठहरना तय था। पुलिस ने किसी को रोका नहीं। शांतिर्पूण तरीके से वह अपनी मांग उचित जगह रख सकते हैं। कुछ लोगों को समझाइश दी गई है। किसी ने कानून हाथ में लेने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-मनोज कुमार राय, एसपी, छिंदवाड़ा

Patrika
ashish mishra Desk
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