समरूपता के सिद्धांत पर आधारित चिकित्सा है होम्योपैथी

विश्व होम्योपैथी दिवस पर विशेष

By: Rajendra Sharma

Published: 10 Apr 2019, 07:20 AM IST

छिंदवाड़ा. 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथी दिवस है। आपको बता दें कि होम्योपैथी चिकित्सा विज्ञान के जन्मदाता डॉ. क्रिश्चियन फ्राइडरिक सैम्यूल हैनिमन हैं।
होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरभि शारंगपुरे ने बताया कि डॉ. हैनिमन का जन्म 10 अप्रैल 1755 में जर्मन में हुआ था और उन्होंने 1796 में होम्योपैथी की खोज की थी। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी दो शब्दों से मिलकर बना है। होम्यो का अर्थ सम और पैथी का अर्थ चिकित्सा है। यह चिकित्सा के समरूपता के सिद्धांत पर आधारित है। इसके अनुसार औषधियां उन रोगों से मिलते जुलते रोग दूर कर सकती हैं, जिन्हें वे उत्पन्न कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि रोग अत्यंत निश्चयपूर्वक, जड़ से, अविलंब और सदा के लिए नष्ट और समाप्त उसी औषधि से हो सकता है जो मानव शरीर में, रोग के लक्षणों से प्रबल और लक्षणों से अत्यंत मिलते जुलते सभी लक्षण उत्पन्न कर सके।
डॉ. शारंगपुरे ने बताया कि होम्योपैथी दवाएं अर्क, संपेषण तथा तनुताओं के रूप में होती हंै और कुछ ईथर या ग्लिसरीन में धुली होती हैं, जैसे सर्पविष। अर्क मुख्यत: पशु तथा वनस्पति जगत से व्युत्पन्न हैं। इन्हें विशिष्ट रस, मूल अर्क या मदर टिंचर कहते हैं और इनका प्रतीक ग्रीक अक्षर 'थीटा' है। मदर टिंचर तथा संपेषण से विभिन्न सामथ्र्यों को तैयार करने की विधियां समान हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 17 शासकीय होम्योपैथी औषधालय हैं। जिनके माध्यम से मरीजों का उपचार निशुल्क किया जा रहा है। चूंकि होम्योपैथी दवाओं का कोई साइड इपैक्ट नहीं होता है, इसलिए इसके प्रति लोगों में रुझान बढ़ रहा है।

आज होगा विशेष कार्यक्रम

जिला अस्पताल स्थित होम्योपैथी ओपीडी में सुबह 10 बजे वरिष्ठ चिकित्सों की उपस्थित में डॉ. सैम्यूल हैनिमन का जन्मदिवस मनाया जाएगा। इसके अलावा होम्योपैथी एसोसिएशन के तत्वावधान में बुधवार को दोपहर एक बजे से जिला आयुष कार्यालय में डॉ. हैनिमैन का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। अध्यक्ष डॉ. अरविंद पशीने ने सभी डॉक्टर्स से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आह्वान किया है। इस मौके पर एक सेमिनार होगा, जिसमें डॉ. हैनिमन के जीवन परिचय और आज के परिपेक्ष्य में होम्योपैथी की उपयोगिता पर चर्चा होगी। होम्योपैथी के प्रति लोगों को जागरूक करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। बताया गया कि आगामी 20 और 21 अप्रैल को शहर के एक होटल में संगोष्ठी होगी, जिसमें वरिष्ठ चिकित्सक योगेश सहगल मुख्य वक्ता होंगे।

Rajendra Sharma Desk
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