ऐसे में कैसे दूर होगा जलसंकट

ऐसे में कैसे दूर होगा जलसंकट
water crisis

Prabha Shankar Giri | Updated: 12 May 2019, 11:39:57 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

माचागोरा बांध से नियमित पानी और टैंकर पहुंचने का कहीं-कहीं दुरुपयोग तो कहीं पाइपलाइन फूटी

छिंदवाड़ा. मई की चिलचिलाती धूप में जिले के 16 नगरीय निकायों में पानी का हाहाकार मचा हुआ है तो वहीं जिला मुख्यालय में माचागोरा बांध के नियमित पानी और टैंकरों के आसानी से पहुंचने के सुकून भरे दिन में भी दुरुपयोग नजर आ रहा है।
सबसे ज्यादा पानी की बर्बादी प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े बीएलसी मकानों के निर्माण में हो रही है। नगर निगम की लाख चेतावनी के बाद भी लोग पेयजल से मकान निर्माण कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर पाइपलाइन के फूटने पर पानी सडक़ों का बहता नजर आ रहा है। सैकड़ों नलों में टोटियां नहीं हैं।

जिला मुख्यालय में इस समय माचागोरा बांध से प्रतिदिन 25 एमएलडी पेयजल आपूर्ति है। इससे करीब दो लाख आबादी की प्यास बुझ रही है। इसके अलावा करीब 70 टैंकर आसपास के ग्रामीण इलाकों को पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। यह देखने में आया हैं कि जहां-जहां बीएलसी समेत अन्य निजी भवनों का निर्माण हो रहा है, वे पेयजल का उपयोग निर्माण के साथ तराई करने में कर रहे हैं। ये लोग टैंकर से ड्रम भर लेते हैं और दिनभर इसका उपयोग करते हैं। जबकि उन्हें तालाब या फिर निस्तार कुएं का पानी लेना चाहिए। शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में मकान निर्माण में पानी की बर्बादी को देखा जा रहा

निगरानी कर रहे हैं
शहर में पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगम द्वारा बोर पर निगरानी कराई जा रही है तो वहीं कुएं भी साफ करवाए जा रहे हैं। बीएलसी मकानों समेत अन्य निर्माण कार्य करने वालों को भी चेतावनी दी गई है।
विवेक चौहान, प्रभारी जलप्रदाय, नगर निगम छिंदवाड़ा

निगम पम्प हाउस से निजी एजेंसियां ले रहीं पानी
नगर निगम के बोर से इस समय निजी निर्माण एजेंसियां पानी ले रहीं हैं। उनके टैंकर इस पानी का निर्माण कार्य में उपयोग कर रहे हैं। मान्धाता कॉलोनी के बोर की शिकायत भी निगम पहुंची थी जिस पर बोर में ताला लगाना पड़ा। कुछ बोर में ऐसी गतिविधियां चल रहीं हैं , जिसमें निगम कर्मचारियों के भी शामिल होने की शंका व्यक्त की जा रही है। इधर, सोनाखार, सोनपुर प्रधानमंत्री आवास, आमानाला परतला, थुनियाभांड समेत अन्य क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है।

गल्र्स कॉलेज के सामने फूटी पाइपलाइन
बीएलसी मकानों समेत अन्य निर्माण में पेयजल के दुरुपयोग की शिकायतें आ रहीं हैं तो राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज के सामने पाइपलाइन फूट गई है। इसका पानी रोज सडक़ पर बहता नजर आता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस पाइपलाइन को सुधारने के प्रयास नहीं हो रहे हैं। इससे समस्या बरकरार है।

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